मुजफ्फरपुर : एक तरफ धान नहीं मिलने की संभावना व्यक्त कर जिला प्रशासन ने लक्ष्य कम करने का प्रस्ताव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को भेजा है। वहीं दूसरी ओर खरीदारी नहीं होने पर किसान औने-पौने दाम में धान बेच रहे हैं।
कुढ़नी, कांटी, पारू, मीनापुर सहित अन्य प्रखंडों में धान खरीदारी की स्थिति बेहद खराब है। एक नवंबर से धान खरीदारी शुरू हुई थी। 349 समितियां मिलकर तीन माह में महज 75 हजार एमटी ही धान खरीद पायी है।
अब धान खरीदारी करने में महज 15 दिन बाकी है। ऐसे में लक्ष्य प्राप्त करना काफी मुश्किल दिख रहा है। दो लाख 197 एमटी धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित था। जिला प्रशासन ने 71 हजार एमटी कम करने का प्रस्ताव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को भेजा है। सहमति मिलने पर जिले में करीब 1.29 लाख एमटी खरीद का लक्ष्य हो जाएगा।
धान खरीदारी के लिए 339 पैक्स व 10 व्यापार मंडल को चयनित किया है। सोमवार की शाम सात बजे तक 10743 किसानों से 75081 एमटी धान खरीद हो चुकी है। इस बार कई पैक्सों में धान की खरीदारी काफी विलंब से शुरू हुई।
इससे परेशान किसानों ने बिचौलियों के हाथ धान को बेचना शुरू कर दिया। सरकार ने 2040 रुपये प्रति क्विटल धान की कीमत तय की है। लेकिन खरीदारी नहीं होने से निराश किसानों ने बिचौलियों के हाथ 1700 से 1900 रुपये में धान बेच दिया।
किसान राहुल कुमार ने बताया कि धान बेचने में 1700 सौ रुपये प्रति क्विटल धान के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया था। करीब 70 क्विटल धान उपज हुई थी। उम्मीद थी कि इस बार धान पैक्स में बिक जाएगा। लेकिन धान खरीदारी करने को लेकर पैक्स टाल मटोल करने लगे जिससे परेशान होकर बाजार में पहले 1700 रुपये और बाद में 1900 सौ रुपये धान बेचना पड़ा।
सहकारिता विभाग को शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पारू के मोहब्बतपुर के प्रियरंजन कुमार ने बताया कि इस बार 62 क्विंटल धान की उपज हुई थी। जिसे पैक्स में बेचने के लिए काफी परेशान हुए। अधिकारियों को आवेदन देकर खरीदारी की गुहार लगायी गई। लेकिन फिर भी खरीदारी नहीं हुई। परेशान होने के बाद शनिवार को बाजार में 1700 सौ रुपये प्रति क्विंटल धान बेच दिया। जिला सहकारिता पदाधिकारी बिरेंद्र शर्मा ने बताया कि दो लाख 197 एमटी खरीदारी का ही लक्ष्य है। विभाग को 71 हजार एमटी लक्ष्य कम करने का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसपर कोई आदेश नहीं मिला है। एक दो दिन में आदेश मिलने पर खरीदारी को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
