पटना: जनता के गुस्से से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का रिश्ता पुराना रहा है। औरंगाबाद में हुए हमले के बाद इसमें एक और कड़ी जुड़ गई है। अब इसे दुर्भाग्य कह सकते हैं कि वे अपने घर बख्तियारपुर और नालंदा में भी जनता की नाराजगी झेल चुके हैं। इतना ही नहीं पटना में भी एक बार सुरक्षाकर्मी की चूक से एक छात्र के हमले का भी शिकार हुए हैं। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि नीतीश कुमार ने इस हमले को प्रतिक्रियात्मक भाव से नहीं लिया । साथ ही उन्होंने नाराजगी की वजह जान कर समस्या के समाधान की कोशिश भी की। औरंगाबाद में कुर्सी कांड के बाद भी कुछ ऐसा ही दिख रहा है।
औरंगाबाद में क्या हुआ
औरंगाबाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कुर्सी फेंके जाने को ले कर दो तथ्य सामने आ रहे हैं। एक तो यह कि सीएम नीतीश कुमार औरंगाबाद के कंचनपुर में पंचायत भवन का उद्घाटन कर रहे थे। इसी दौरान कुर्सी का एक टुकड़ा उनकी बगल से बड़ी तेजी से निकला। कहा जा रहा है कि किसी नाराज व्यक्ति ने कुर्सी का टुकड़ा नीतीश कुमार की तरफ फेंका।
दूसरा तथ्य अधिकारियों है। उनका कहना है कि सीएम को देखकर लोग अति उत्साह में जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।इसी दौरान कुछ बच्चे सीएम को देखने के लिए कुर्सियों पर खड़े हो गए थे। इसी दौरान एक टूटने से कुर्सी का टुकड़ा छिटक कर सीएम नीतीश के पास आ गिरा।




