दानापुर मंडल के पटना जंक्शन स्टेशन पर सोमवार की देर रात 13331 धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल बोगी में बंद बक्से में शव मिलने से सनसनी फैल गई। आश्चर्य की बात यह कि लावारिस बक्सा धनबाद से 292 किमी दूर पटना तक बोगी में पड़ा रहा, बीच में कई हाल्ट व स्टेशन आए परंतु रेल पुलिस समेत आम यात्रियों ने इस पर संदेह नहीं जताया। फिलहाल रेल पुलिस इसे हत्या मानकर घटना की जांच में जुट गई है। बंद बक्से में रखे गए शव का पोस्टमार्टम कराने से पहले फोरेंसिक टीम ने शव व बक्से की पूरी जांच की। देर रात तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
एसपी रेल एएस ठाकुर ने इस घटना की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है। रेल थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि 13331 धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस सोमवार की रात पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर नौ पर खड़ी थी। स्टेशन ड्यूटी में तैनात रेलकर्मी बोगी की तलाशी लेते हुए खिड़की-दरवाजा बंद कर रहे थे, इसी क्रम में जनरल कोच से उन्हें लोहे का बड़ा बक्सा मिला, जिस पर ताला जड़ा था। मजदूरों की मदद से रेलकर्मियों ने बक्से को निकालकर प्लेटफार्म पर रख दिया और इसकी सूचना जीआरपी को दी।
ताला तोड़ने पर बक्से के अंदर का दृश्य देख उड़े होश
जीआरपी प्लेटफार्म नौ पर पहुंची और बक्से को कब्जे में लेकर थाने ले आई। बक्सा काफी वजनी था, जिससे रेल पुलिस को शक होने लगा था। पुलिस पहले तो यह मानकर चल रही थी कि इसमें शराब है। बाद में अधिकारियों की स्वीकृति पर बक्से का ताला तोड़ा गया तो अंदर का नजारा देख सभी के होश उड़ गए।
बक्से में एक युवक का शव मोड़कर रखा हुआ था। शव के गले में रस्सी का फंदा था। शव को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अज्ञात युवक की रस्सी से गला घोंट कर हत्या कर दी गई है। पटना जंक्शन रेल थाना ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा।
मृतक की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच, रंग सांवला
शव का जब निरीक्षण किया गया तो मृतक की उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष, रंग सांवला, दाढ़ी, काले बाल, आगे के बाल बड़े तथा पीछे के छोटे कटे हुए थे। कद करीब पांच फीट पांच इंच, पतली काठी, काली जींस पैंट, नीले रंग की छींटदार शर्ट और पीले रंग का जैकेट पहना हुआ था। युवक ने ग्रे एवं काले रंग का चेकदार मफलर और ब्राउन रंग की बेल्ट पहना हुआ था। जींस पैंट के अंदर काले रंग का ट्राउजर जैसे हाफ पैंट भी पहने हुए था।

कमर में काले रंग का कमरबंद (डारा), दाहिने हाथ में स्टील का कड़ा तथा लाल सूत का धागा, पतली मूंछ, गले में दो-तीन फेरे रस्सी लिपटी हुई थी।शव जिस बक्से में बरामद हुआ वह एक चदरे का बक्सा है, जिस पर टाटा कोश आइएस–277 लिखा है। बक्से की लंबाई लगभग साढ़े तीन फीट, चौड़ाई तथा ऊंचाई डेढ़-डेढ़ फीट और उस पर नीले रंग का ताला लगा हुआ था। टांगने वाले कड़ी में प्लास्टिक लगा था, जिस पर अंग्रेजी में स्टाइल लिखा हुआ है।

