मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर में बाबा गरीबनाथ धाम इस बार महाशिवरात्रि को लेकर कुछ अनोखा दिखने वाला है. हर साल की तरह हजारों की संख्या में शिव भक्त महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा गरीब नाथ धाम से झांकी निकालते हैं. जो शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों से होकर गुजरती है. यह झांकी लाखों की भीड़ में तब्दील हो जाती है. इसके साथ ही बाबा के जयकारा गूंजने लगते हैं.
महाशिवरात्रि के लिए ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त
महाशिवरात्रि के दिन इस झांकी को देखने के लिए शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ती है. इसके लिए शहरी क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ-साथ पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति होगी. जो बाबा गरीब नाथ के झांकी आने से पहले ही ट्रैफिक को सुचारू करने में लगे रहेंगे. जिससे बाबा गरीब नाथ के झांकी के लिए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो.
होती है मुरादें पूरी
इस झांकी में तरह-तरह की आदमकद प्रतिमाएं लगाई जाती है. जो शिव भक्तों की आस्था को दर्शाने के लिए काफी है. महाशिवरात्रि के दिन शहरी क्षेत्र में आने वाले बाबा गरीब नाथ धाम मार्ग को बंद रखा जाता है, क्योंकि इसी मार्ग में सर्वप्रथम बाबा की झांकी जयघोष के साथ शुरू की जाती है. कहा जाता है कि बाबा गरीब नाथ धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु जो अपनी मुरादे बाबा गरीब नाथ से दिल से मांगते हैं, वहां बाबा उनकी मुरादें पूरी करते हैं.
छह फीट के मौरी का निर्माण
उत्तर बिहार का एकमात्र ऐसा मंदिर है. जहां सावन में भी हजारों की संख्या में शिव भक्त जलाभिषेक करते हैं. महाशिवरात्रि के लिए भोले बाबा की शादी के लिए साजो सामान में 06 फीट के ‘मौरी’ का निर्माण किया जाता है. इसका निर्माण करने वाले कलाकार रंजन बताते है कि हमारे पूर्वजों के द्वारा करीब 75 वर्षों से अधिक से मौरी बनाया जा रहा है. जो महाशिवरात्रि के दिन बाबा के महाश्रृंगार का मुख्य हिस्सा होता है.



