“मैं बहुत उदास हूं। समझ नहीं पा रहा है कि मुंबई से क्या करूं? आने की स्थिति हुई तो तुरंत आ भी जाऊं। आने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ जनता दल यूनाईटेड (JDU) अध्यक्ष ललन सिंह को भी मैसेज किया है, लेकिन अबतक रिस्पांस नहीं आया है। मेरे बहनोई डॉ संजय कुमार किसी मानसिक तनाव में नहीं थे। मुझे लगता है कि उनका अपहरण हुआ है। क्या गांधी सेतु पर आज की तारीख में भी CCTV नहीं है? क्या इस जमाने में भी अपहरण हो रहा है। यहां तो जो भी सुन रहा, कह रहे कि बिहार में जंगल राज आ गया है। मैं मना करता हूं, लेकिन ऐसी लाचारी देखकर लोग सौ बात कहते हैं। सरकार को ध्यान देना चाहिए।

वीआईपी का यह हाल तो आम आदमी कैसे रहेगा?
उन्होंने कहा- “मेरे चाचा की बेटी और मेरी बहन प्रो. सलोनी ने अपने पति डॉ. संजय कुमार के गायब होने की जानकारी पुलिस को दी। इस जानकारी को मिलने के बाद इतना समय गुजरना आश्चर्यचकित करता है। वह भी तब, जब मेरी फुफेरी बहन और बहनोई ने इस बारे में बिहार पुलिस को विशेष रूप से ताकीद की है। बहन सीनियर आईएएस और बहनोई सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं।
हमारा परिवार बिहार का प्रतिष्ठित परिवार है। इन सभी बातों के अलावा यह बड़ी बात है कि गायब हुए डॉ. संजय कुमार खुद बिहार के दूसरे सबसे बड़ी सरकारी अस्पताल NMCH के फार्माकोलॉजी के विभागाध्यक्ष और बिहार सरकार में परीक्षा नियंत्रक भी हैं। इतने महत्वपूर्ण व्यक्ति के गायब होने पर जब परिवार ऐसा लाचार दिख रहा है तो आम आदमी का क्या होता होगा?”
इस जमाने में भी CCTV से मदद नहीं मिल रही?एक जमाने में रिपोर्टर जैसे सीरियल में भूमिका निभा चुके बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता ने कहा- “गांधी सेतु के सीसीटीवी फुटेज से तुरंत साफ हो सकता था कि क्या हुआ? उनकी गाड़ी पटना की ओर लौटती हुई दिखी है तो कैसे? अंतिम कॉल पर बातचीत के समय वह कहां पर थे?



