केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम सोमवार को किसी चौंकाने वाली कार्रवाई के तहत पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर नहीं पहुंची। लंबे समय से केस चल रहा। कभी पूछताछ के लिए बुलाया जाता है तो कभी टीम पहुंच जाती है। सोमवार को टीम पहुंची तो लालू के समर्थकों ने इसे होली के रंग में भंग डालने की भाजपाई साजिश करार दिया। लालू परिवार को ऐसी पूछताछ का पता रहता है, इसलिए तैयारी भी रहती है। वैसे, जिस तरह से राबड़ी आवास के बाहर प्रदर्शन हो रहा है और जैसे लालू-पुत्र ने इसे राजनीतिक साजिश बताया, उससे लगता है कि तेज प्रताप यादव की ओर से आयोजित हो रही लट्ठमार होली के पहले सीबीआई की इस कार्रवाई से राजनीतिक रंग गहरा ही होगा।
तेज प्रताप कर रहे 8 मार्च को लट्ठमार होली
पटना में इको पार्क के पास लालू के बड़े बेटे और राज्य के वन-पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव के 5 स्ट्रैंड रोड स्थित आवास पर रविवार से वृंदावन की रासलीला चल रही है। 8 मार्च को यहां लट्ठमार होली पर भारी भीड़ जुटाने की तैयारी है। अब सीबीआई की पूछताछ के बाद जिस तरह से तेजस्वी यादव समेत राजद के बाकी नेताओं ने भाजपा की ओर से लालू परिवार की होली के रंग में भंग डालने के प्रयास के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, उससे लग रहा है कि उलटा यह रंग और गहरा होगा। लालू परिवार की कुर्ताफाड़ होली प्रसिद्ध रही है और इस बार तेज प्रताप की लट्ठमार होली का आयोजन सीबीआई की पूछताछ के बाद और ज्यादा जमेगा, ऐसा राजनीतिक विश्लेषक भी मान रहे हैं।

लालू इस होली में आएंगे…संभावना है कम
सिंगापुर से लालू प्रसाद यादव दिल्ली तो आ गए हैं। वह होली में पटना आएंगे- इसकी संभावना कम है। लालू को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्या ने उनके सिंगापुर से निकलते समय अपील की थी कि राजद अध्यक्ष को अभी काफी एहतियात के साथ रहना है। डॉक्टरों ने उन्हें भीड़भाड़, धूल आदि से दूर रहने के लिए कहा है। लालू प्रसाद के होली में आने की संभावना कम इसलिए भी है, क्योंकि वह आएंगे तो समर्थकों से मिले बगैर नहीं रहेंगे और उनकी सेहत के मद्देनजर बड़ी बेटी मीसा भारती इस मामले में सख्त हैं। तेजस्वी यादव ने उनसे दिल्ली में मिलने की तस्वीरें शेयर की थी, लेकिन तेज प्रताप इस मामले में पीछे हैं।