जन सुराज पदयात्रा के दौरान सारण में एक आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि गुजरात का एक शहर है सूरत और अकेले सूरत में बिहार के 5 लाख युवा मजदूरी कर रहे हैं। आपने कभी सोचा है कि मोदी जी इतना फैक्टरी सूरत मे लगवा सकते हैं, तो बिहार में 2-4 फैक्टरी क्यों नहीं लगवा रहे है?

मोदी जी बिहार में फैक्टरी इसलिए नहीं लगवा रहे हैं, यदि बिहार में फैक्टरी लग गई, तो देश में 15 हजार में 12 घंटे काम करने वाले 2 करोड़ मजदूर कहां से मिलेंगे। आपने देखा होगा की कोरोना में मजदूरों को मार कर भगा दिया था। लेकिन कोरोना के बाद उन्हीं लड़कों को जहाज और ट्रेन की टिकट देकर वापस बुला लिया ऐसा क्यों हुआ? क्या गुजरात में मजदूर नहीं है? या तमिलनाडु मे मजदूर नहीं है? वहां मजदूर है लेकिन वहां के मजदूर काम करेगा 30 हजार रुपये में लेकिन बिहार का लड़का वही काम 15 हजार में कर रहा है। यही हमारी दुर्दशा का कारण बना हुआ है।
