भागलपुर: बिहार के चर्चित सृजन घोटाला मामले में सीबीआई ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सृजन महिला विकास सहयोग समिति लि. की संस्थापक सचिव सह घोटाला की मुख्य आरोपी स्व. मनोरमा देवी के निजी सचिव उमेश सिंह को गिरफ्तार किया है। पटना से आई टीम ने उमेश को सबौर के शांतिनगर मोहल्ले स्थित निजी आवास से गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया। सीबीआई की जांच में घोटाले में अन्य आरोपियों के साथ सांठगांठ रखने और सरकारी राशि को विभिन्न बैंकों से निकालने में उमेश की संलिप्तता पाई गई थी। बताया जा रहा है कि उमेश सिंह से सीबीआई को कई जानकारी मिलेगी।
मनोरमा देवी देवी इस पूरे घोटाला कांड की किंगपिन है। बिहार के भागलपुर का चर्चित घोटाला में उसकी बड़ी भूमिका है। इस पूरे कांड की मास्टरमाइंड मनोरमा देवी ने अपनों के अलावा दूसरों को भी मालामाल किया। जांच में उसके बड़े बड़े कारनामे उजागर हुए। ईडी की जांच में पता चला कि मनोरमा देवी ने सृजन संस्था के पैसे से अपने बेटे, बेटी , वधू, नाती समेत कई संबंधियों के नाम से संपत्ति खरीदी।
सृजन महिला विकास सहयोग समिति लि. सबौर में मुख्य लेखापाल के रूप में भी उमेश कई मामले में पैसे की निकासी की थी। सीबीआई ने उमेश को गिरफ्तार करने के बाद सदर अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया। जांच रिपोर्ट सही आने पर उसे विशेष गाड़ी से सीबीआई पटना ले गई। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि उमेश के खिलाफ सीबीआई स्पेशल कोर्ट से गैर जमानतीय वारंट जारी हुआ है। उमेश को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तारी के दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने कोई जानकारी नहीं दी। गिरफ्तार उमेश सिंह ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि उसने संस्था का दो ब्लैंक चेक मनोरमा देवी को दिया था। इन चेक के माध्यम से एमवी राजु ने राशि की निकासी की थी। उसने यह भी कहा कि वह सेल्फ हेल्प ग्रुप बनवाने और चलाने में मदद करता था। सीबीआई की दो सदस्यीय टीम उमेश सिंह को गिरफ्तार करने गई थी। सीबीआई उमेश से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इस बड़े घोटाले को लेकर वह कई राज खोलेगा।