बिहार की स्थिति को बदलना है तो नेता का नहीं, अपने बच्चों का चेहरा देख कर वोट करें : प्रशांत किशोर

छपरा: जन सुराज पदयात्रा के दौरान सारण में एक आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि आप वोट देते हैं जाति पर तो जाति की चर्चा बिहार में हर जगह होती है। आप वोट देते हैं मोदी जी के 56 इंच के सीने को देखकर तो सुबह-शाम आपको टीवी पर मोदी जी का सीना फूलता हुआ दिखता ही है। आप वोट देते हैं गुजरात मॉडल की कहानी सुनकर तो बिहार के घर-घर के लड़के गुजरात में काम कर ही रहे है।

आप वोट जिस बात के लिए दे रहे हैं, वही आपको मिल रहा है। बिहार में लोग रोजगार के नाम पर वोट देते ही नहीं हैं, तो रोजगार कहां से मिलेगा? बिहार की दशा कैसे सुधरेगी? अगर आप बबूल के पौधे लगाएंगे तो आम कहां  से आएंगे ? जब आप पढ़ाई और रोजगार के लिए वोट देते ही नहीं है, तो वो सुधरेगा कैसे?यही बताने के लिए पदयात्रा कर रहे हैं, आपसे वोट नहीं मांग रहे हैं। घर-घर जाकर हाथ जोड़ कर समझा रहे हैं कि अगर आप अपने और अपने बच्चों की चिंता नहीं करेंगे तो कोई नेता और दल आपके बच्चों की चिंता नहीं करेगा। एक-एक लोग संकल्प लीजिए कि नेता का नहीं, अपने बच्चों का चेहरा देख कर वोट करेंगे।

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