दरभंगा: बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने दरभंगा में बनने वाले एम्स पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सहरसा में एम्स निर्माण की उठ रही मांग पर पूर्ण विराम लगाते हुए कहा कि दरभंगा में हर हाल में एम्स बनकर रहेगा. उन्होंने बताया कि यहां पहले से ही एयरपोर्ट की सुविधा शुरू है. इसके साथ ही मंत्री ने यह भी कहा कि यहां पर बाढ़ से काफी क्षति होती है. इसके लिए भी एम्स निर्माण के बाद ब्रेक लग जाएगा. जानकारी मिली है कि हनुमान नगर प्रखंड में समाधान सभा और सड़क के शिलान्यास कार्यक्रम के समय इन बातों की जानकारी दी.
विकास और रोजगार में आयेगी तेजी
मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के लोग चालीस वर्षों से बाढ़ और जल जमाव से परेशान हो रहे हैं. अब यहां एम्स निर्माण का काम शुरू हो रहा है. यहां पर एक दिन ऐसा आएगा कि यह इलाका नोएडा जैसा विकसित होगा. सभी लोगों को बाढ़ और जल जमाव से मुक्ति मिलेगी. इसके साथ ही एम्स निर्माण से विकास और रोजगार तेजी से बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि सहरसा में एम्स निर्माण की मांग पर पूर्ण विराम लग गई है.
6 माह में मिट्टी भराई का काम होगा पूरा
हनुमान नगर प्रखंड के शोभन बाईपास के करीब एम्स का निर्माण होना है. जिसके लिए सरकार ने 150 एकड़ जमीन भी दे दी है. इसके साथ ही मिट्टी भराई के लिए भी टेंडर निकाल दिया है. इसके लिए 300 करोड़ रुपये भी आवंटित कर दी गई.
जल संसाधन विभाग निःशुल्क देगी मिट्टी
मंत्री ने कहा कि चहारदीवारी का निर्माण भी समय से पूरा किया जाएगा. विभाग अपनी ओर से यहां पर मिट्टी उपलब्ध कराएगी. साथ ही कहा कि जल संसाधन विभाग की ओर से नदी से मिट्टी की उड़ाही के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा. उन्होंने कहा है कि मिट्टी की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी.
एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए 100 सीट
दरभंगा एम्स को चार वर्ष में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें एमबीबीएस की 100 सीटों, बीएससी नर्सिंग की 60 सीटों पर नामांकन के साथ यहां एमडी -एमसीएच जैसे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भी होंगे. केंद्रीय कैबिनेट से इसके लिए 2020 में स्वीकृति मिली थी. इसे बनाने में करीब 1264 करोड़ की लागत आएगी. प्रारंभ में दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर की जमीन से 82 एकड़ जमीन देने पर सहमति बनी थी.