मुजफ्फरपुर. लीची के लिए मशहूर मुजफ्फरपुर में अब कई तरह की खेती की जाने लगी है. ट्रेडिशनल खेती से आगे बढ़कर किसान गेहूं-धान के अलावा भी कई तरह के फल और सब्जी उपजाने में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं. मुजफ्फरपुर के गायघाट, बोचहां और बंदरा प्रखंड में किसान बड़ी मात्रा में चुकंदर की खेती कर रहे हैं. यह किसानों के लिए काफी फायदेमंद भी है. मालूम हो कि चुकंदर का बीज दिसंबर में रोपा जाता है और तैयार होने के बाद अप्रैल में उखारा जा रहा है.
एक कट्ठा जमीन में 10 क्विंटल तक उपज
आथर कोठी में चुकंदर उखार रहे किसान परमानंद राम ने बताया कि उन्होंने पहली बार चुकंदर की खेती की थी. ऐसे में एक कट्ठे में तकरीबन 10 क्विंटल चुकंदर उपजा है. वे बताते हैं कि मुजफ्फरपुर की मिट्टी चुकंदर के लिए उपयुक्त है. परमानंद बताते हैं कि गेहूं-धान से अलग चुकंदर की खेती भी बड़े मुनाफे का सौदा है. इसके लिए खेत में सही समय पर खाद डालना भी एक महत्वपूर्ण पहलू है. वे बताते हैं कि सही प्रकार से खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाए तो मात्र एक कट्ठे जमीन से 10 क्विंटल से भी अधिक चुकंदर उपजाया जा सकता है.
आधा किलो का एक-एक चुकंदर
किसान परमानंद राम ने आगे बताया कि अभी मंडी में 10 रुपए प्रति किलो के भाव से उनका चुकंदर बिक रहा है. वे बताते हैं कि वे जमींदार के तकरीबन साढ़े 8 बीघा खेते में खेती कर रहे हैं. जिसे अभी उखाड़ने का काम चल रहा है. परमानंद बताते हैं कि खेत में तकरीबन आधा-आधा किलो के साइज का एक-एक चुकंदर तैयार हुआ है. किसी-किसी चुकंदर का साइज इससे भी बड़ा है.