पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. सहायक थाना क्षेत्र स्थित लाइन बाजार में बैंक का लोन न चुकाने के कारण व्यक्ति के घर को सील करने के लिए बैंक अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी के साथ ही घर में आये. बैंक अधिकारियों का कहना था कि बैंक से इन्होंने 80 लाख रुपये का लोन लिया है. समय रहते इन्होंने कर्जा वापस नहीं लौटाया है, इसी वजह से कोर्ट के आदेशानुसार बैंक अधिकारी पुलिस बल के साथ मकान को सील करने पहुंचे थे.
सिलेंडर लीक कर आत्मदाह करने की कोशिश
बैंक अधिकारियों के मुताबिक झंडा चौक के आसपास माणिक चंद कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए एक ग्राहक ने स्टेट बैंक से 80 लाख रुपये का भारी भरकम लोन लिया. समय बीतने के बाद लोन का भुगतान न कर पाने के कारण बैंक अधिकारियों ने प्रशासनिक अमले के साथ मकान को सील करने पहुंचे. बताया जाता है कि वहां मौजूद अधिकारियों की चूक की वजह से गृह स्वामी की पत्नी और उसके 3 बच्चे कमरे के अंदर ही बंद रह गए. ये सब देखकर गृह स्वामी के भाई अभिषेक ने गैस सिलेंडर लीक कर आत्मदाह करने की धमकी देने लगा.
अधिकारियों ने सिरफिरे युवक को कराया शांत
यह ड्रामा सदर एसडीओ राकेश रमन और सदर एसडीपीओ पुष्कर कुमार की आंखों के सामने हो रहा था. मकान मालिक का भाई अभिषेक खिड़की के सहारे मकान के अंदर प्रवेश कर गया और गैस सिलेंडर से आग लगाने का प्रयास करने लगा। वहीं युवक के इस कदम के बाद आसपास खड़े लोगों के बीच अफरा -तफरी का माहौल बन गया. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और बैंककर्मी के होश उड़ गए. हालांकि किसी तरह मौके पर मौजूद आलाधिकारियों ने इस शख्स को शांत कराया. काफी जद्दोजहद के बाद सिरफिरे युवक ने गेट का ताला खोला. तब जाकर मामला शांत हुआ.
बिना नोटिस भेजे कार्रवाई
मकान मालिक अमरजीत कुमार ने बताया कि स्टेट बैंक से मॉर्गेज लोन लिया था. लोन समय पर चुकता नहीं किया तब बैंक वालों ने बिना नोटिस भेजे मकान को आनन-फानन में सील करने की कार्रवाई कर डाली. इस कॉम्प्लेक्स में विवाह भवन सहित कई दुकानें भी बनी हुई हैं, उन्हें भी खाली करवा दिया. उन्होंने कहा कि इस कॉम्प्लेक्स को गलत तरीके से बैंक वालों की मिलीभगत से डॉ शाहबाज रिजमी को बेचा जा रहा है. वहीं हंगामा होने पर वरीय पदाधिकारी पूरे मामले में छानबीन में जुटे है.
23 मई तक मांगा समय
सदर एसडीओ राकेश रमन और सदर डीएसपी पुष्कर कुमार ने कहा कि गृहस्वामी ने लोन न चुकाने की बात स्वीकार करते हुए 23 मई तक का समय मांगा है. वहीं प्रशासनिक मौजूदगी में बैंक अधिकारियों की सहमति से उन्हें यह मोहलत दी गई है. अगर वे लोन नहीं चुकाते तब आगे सील की कार्रवाई की जाएगी.