विपक्ष को एकजुट करने अब ओड़िशा जाएंगे नीतीश, फिर कहा … नहीं बनना है मुझे PM, निजी लालसा नहीं

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी एकता की मुहीम को लेकर इन दिनों लगातार कई राज्यों का दौरा कर रहे हैं और देश की तमाम विरोधी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। यही वजह है कि अब सीएम जल्द ही उड़ीसा जाने वाले हैं और वहां से सीएम नवीन पटनायक से मुलाक़ात करेंगे।इस बात की जानकारी खुद सीएम नीतीश ने दी है।

दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री एक राजकीय कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इसी दौरान जब उनसे यह सवाल किया गया कि, आपकी विपक्षी एकता की मुहीम को नयी धार कबसे मिलेगी और आपके पीएम बनने को लेकर जो बातें हो रही है उसके क्या मायने हैं तो इन सवालों का जवाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि, आप लोग तो जानबे न करते हैं हर बार कहते हैं कि हमको किसी पद का लोभ नहीं है। मेरा कुछ भी निजी लालसा नहीं है।  अब हम तो सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगे हुए हैं।  आजकल जो लोग इतिहास बदल रहा है उसको सबक सिखाने के लिए विपक्ष को एकजुट होना बहुत जरूरी है।

वहीं, सीएम से जब यह सवाल किया दिल्ली, बंगाल और यूपी के बाद अब आपके उड़ीसा जाने की चर्चा तेज है। जिसके जवाब से नीतीश कुमार ने कहा कि, उनसे  मेरा अच्छा संबध है आपलोग तो जानते ही है। जल्द ही मुलाक़ात होनी है। उनसे भी विपक्षी एकजुटता को लेकर बातचीत होगी। लेकिन यह कहना कि पांच तारीख को जाएंगे या नहीं इसको लेकर फिलहाल कुछ भी तय नहीं है।

इसके आलावा जब नीतीश कुमार से बजरंग दल पर पावंदी लगाने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि, जब विपक्षी दलों के सभी नेता एक साथ बैठेंगे तो फिर इसको लेकर बातचीत होगी और हमारी सरकार आएगी तो फिर उसको लेकर रणनीति बनाई जाएगी, इसलिए हम अभी इसको लेकर कुछ भी नहीं कहना चाहते हैं। वहीं, गोवा के सीएम से तरफ से बिहारी मजदूरों को लेकर की गई टिप्पणी पर विरोध जताते हुए नीतीश ने कहा कि, आजकल क्या हो रह है देश के लोग देख रहे हैं , कौन – क्या बोल रहा है।

वहीं, सम्राट चौधरी के तरफ से सीएम पर बोले जा रहे हमले को लेकर उन्होंने कहा कि, पहले वो किस दल में था फिर कहां – कहां गया। पहले राजद फिर जेडीयू के उसके बाद बीजेपी में गया। उसके पिता जी को राजनीति में कौन लाया था ये तो सभी जानते है। वहीं भाजपा नेता की गिरफ़्तारी को लेकर सीएम ने एक बार फिर से कहा  हम न किसी को फँसाते है, न किसी को बचाते है।
इसके आलावा जातीय गणना को लेकर हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सीएम ने कहा कि, सभी दलों की सर्व सम्मति से जाती आधारित गणना कराने का काम किया जा रहा है। लेकिन कुछ लोग हैं जो परेशान है।  आजकल जो लोग है वह जनगणना नहीं करा रहे है। अब सभी जाती की गणना हो जाएगी तो फ़ायदा ही होगा। इसको लेकर 2019 में ही विधानसभा से इसको मंज़ूरी कराई गई।

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