‘नैतिकता के आधार पर नीतीश दें इस्तीफा, जुगाड़ से चिपके हुए हैं मुख्यमंत्री’- प्रशांत किशोर

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं. इस बार राजनीति में गिरती हुई नैतिकता के स्तर पर प्रशांत किशोर का बेबाक बयान सामने आया है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि 2014 में नीतीश नहीं हारे लेकिन उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव हार गई. जिसके बाद उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया था. पहले असम में हुए रेल हादसे पर तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री नीतीश कुमार ने 291 लोगों की मौत के बाद नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया था. लेकिन आज नीतीश कुमार की नैतिकता कहां गई? जबकि उस समय उन्हें इस्तीफा देने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मना किया था।

नीतीश कुमार कभी भाजपा का पैर पकड़कर, तो कभी लालटेन पर लटककर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर चिपके हुए हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि प्रशासक के तौर पर नीतीश कुमार वो व्यक्ति नहीं हैं और न ही राजनेता के तौर पर नीतीश वो व्यक्ति हैं. जो नैतिकता के आधार नीतीश कुमार आज कोई न कोई जुगाड़ लगाकर सीएम की कुर्सी से चिपके रहना चाहते हैं. इसलिए नीतीश कुमार को अब बिहार की जनता से मतलब नहीं है. वह जानते हैं कि जुगाड़ लगाकर सीएम की कुर्सी बचा लेंगे. प्रशांत किशोर ने कहा कि ये वही नीतीश कुमार हैं कि 2020 के विधानसभा के चुनाव में हार गए उसके बावजूद 40-42 विधायक वाले मुख्यमत्री की कुर्सी से चिपके हुए हैं.

नीतीश को नैतिकता के आधार पर देना चाहिए इस्तीफा: प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार को वह दिन भी याद करना चाहिए जब कोरोना संक्रमण काल के कारण बिहार के हजारों लोग सड़क पर हजारों मील पैदल चलकर पहुंचे थे. कई लोग काल के गाल में समा गए लेकिन मुख्यमंत्री ने बाहर निकलकर लोगों की समस्या सुनने की कोशिश नहीं की. इस नैतिकता के आधार पर भी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

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