बक्सर : बिहार में तीज-त्योहारों में गंगा स्नान का विशेष महत्व है। ऐसे में जब बक्सर धाम के प्रसिद्ध एवं पवित्र पावनी मां गंगा में डुबकी लगाने का मौका मिले, तो भला धर्मावलंबी उसे जाया क्यों होने दें। इसे ही देखते हुए सोमवार को रामरेखाघाट पर स्नानार्थियों की सैकड़ों की संख्या भीड़ जुटी। विशेष रूप से आद्रा स्नान को लेकर लोग गंगा किनारे पहुंचे। मंगलवार से सावन का पवित्र महीना भी प्रारंभ हो रहा है, जो अधिकमास के कारण दो महीने का होगा।
इसे लेकर शिवालयों में भी साफ-सफाई और सजावट का काम पूरा कर लिया गया है। ज्योतिषीय गणना में 27 नक्षत्रों की शृंखला में आद्रा नक्षत्र का स्थान छठा है। आद्रा नक्षत्र में गंगा स्नान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। अब जब इस नक्षत्र में मात्र तीन दिन शेष बचे हैं, तो फिर स्नान करने से कोई क्यों चूके।
स्नान के बाद महिलाओं ने सुनी सत्यनारायण भगवान की कथा
इसी परंपरा के निर्वहन को लेकर जिले के प्रसिद्ध रामरेखाघाट पर श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ी हुई थी। खास बात यह भी है कि सोमवार को गुरु पूर्णिमा भी है। महिला श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के पश्चात आठ-दस की संख्या में सामूहिक रूप से बैठकर पंडितों के मुख से सत्यनारायण भगवान की कथा भी सुनी और आम-फल एवं द्रव्य का दान किया।
शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ से दिखी चहल-पहल
इस मौके पर महिलाओं ने कहा कि वे शाम को सपरिवार पुआ-पकवान एवं आम का मृदु भोजन करेंगी। शहर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के कारण चहल-पहल काफी रही। गंगा घाट किनारे खूब दुकानें भी सजी रहीं। खाने-पीने से लेकर साज-सज्जा की दुकानों पर भी खरीददारों की भीड़ लगी रही।

