गया: बिहार के गया में लगनौती महादेव शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं. लगनौती महादेव को लग्नेशवर महादेव भी कहा जाता है. यहां का शिवलिंग काफी अद्भुत है. यह शिवलिंग कितना फिट गहरा है, यह आज तक नहीं पता चल पाया है. यहां के पुजारी का मानना है कि शिवलिंग की 12-15 फीट तक खुदाई की गई, लेकिन उसके अंतिम छोर का पता नहीं चल सका. इस मंदिर की महता और आस्था अनोखी है, जिनकी लग्न नहीं तुलते, शादियां नहीं होती, उनकी मन्नत भगवान भोलेनाथ पूरी करते हैं.
पांचवी पीढ़ी कर रही मंदिर की देखरेख
लगनौती महादेव मंदिर में मन्नत रखने और पूजन करने से युवक हो या युवती उनकी शादियां लग जाती है. ऐसी आस्था इस मंदिर को लेकर भक्तों के बीच बनी हुई है. यह अद्भुत शिवलिंग विष्णुपद स्थित कृष्ण द्वारिका में स्थापित है. यहां स्थापित शिवलिंग 200 वर्षों से भी ज्यादा प्राचीन है. इसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता कि यह शिवलिंग कब का है, लेकिन यहां फिलहाल पांचवी पीढ़ी इस मंदिर की देखरेख कर रही है.
सारी बाधाएं दूर कर देते हैं महादेव
लगनौती महादेव के संबंध में आस्था है कि जिनकी शादी नहीं लगती या मांगलिक दोष होता है उनकी सभी बाधाएं महादेव दूर कर देते हैं. यही वजह है कि यहां आज मुंबई, दिल्ली, झारखंड, और बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु मन्नत मांगने आते हैं. वो पांच सोमवार, सात सोमवार या सोलह सोमवार का मन्नत रखते हैं. दूर से आने वाले भक्तों के लिए भी यहां एक प्रक्रिया है, जिसे मंदिर के पुजारी के द्वारा पूरा किया जाता है.
सोमवारी को लेकर उमड़ रही भीड़इस मंदिर में शादी को लेकर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. यहां हर उम्र के लोग आ रहे हैं लेकिन ज्यादातर भक्त युवा हैं. यहां आने वाली एक युवती प्रीति कुमारी ने बताया कि भगवान महादेव का यहां शिवलिंग है. यहां पूजा करने से बाधाएं-दोष दूर होती है और शादी की मन्नत पूरी हो जाती है. वह पिछले 2 महीने से यहां आ रही है. वह शादी की मन्नत को लेकर यहां आ रही है और पूजा कर रही है. सोमवार को भी वह शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने आई है.
शादियां करा देते हैं लगनौती महादेव
वहीं मंदिर के पुजारी रंजीत मिश्रा ने बताया कि देश में ऐसा शिवलिंग अद्भुत है, जहां शादी की मन्नते पूरी हो जाती है. भगवान महादेव शादी की बाधाओं और दोषों को दूर करते हैं. जो यहां मन्नत लेकर आते हैं ऐसे युवक-युवतियों की शादियां शीघ्र लग जाती है. यही वजह है कि ये लग्नेशवर महादेव के के रूप में प्रसिद्ध हैं. यह मंदिर अति प्राचीन है और शिवलिंग कितना गहरा है, यह आज तक पता नहीं चल सका है.
