‘जलाते वक्त मेरे बाल म’त का’टना..’ रोटरी प्रेसिडेंट का सु’साइड नोट, लिखा- ‘आखिरी ख्वाहिश है पूरी कर देना’

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिला के छतौनी थाना क्षेत्र के रहने वाले होटल व्यवसायी और रोटरी लेक टाउन अध्यक्ष नवनीत रंजन ने आत्महत्या के पहले एक सुसाइड नोट लिखा था. जिस सुसाइड नोट को नवनीत की मां ने पुलिस को सौंप दिया है. तीन पन्नों में लिखे सुसाइड नोट में उसने आत्महत्या करने के लिए खुद को जिम्मेवार बताया है. नवनीत ने अपने बड़े भाई के नाम लिखे सुसाइड नोट में लिखा है कि सिर्फ गुलाब और बेली से सजाकर भेजना और जलाते वक्त बाल नहीं हटाना. खबर मिलते जल्दी आना और कोई तेरहवीं या भोज करने की जरुरत नहीं है.

मोतिहारी में होटल व्यवसायी ने की आत्महत्यानहीं मिला होटल मालिक का मोबाइल

मृतक नवनीत का मोबाइल अभी तक बरामद नहीं हो सका है. पुलिस इस आत्महत्या मामले की जांच कर रही है. नवनीत ने सुसाइड नोट में लिखा है कि भईया हम जा रहे हैं, हार गए हैं हर चीज से थक गए हैं, नहीं हो रहा अब कुछ भी हमसे. किसी के लिए कुछ भी नहीं कर पाए, तुम हर बार हम पर भरोसा दिखाते रहे. फिर भी हम नहीं संभाल पाए खुद को बहुत कुछ झेल लिए हैं बीते कुछ सालों में इतना के अब जीने की कोई भी आस और चाहत नहीं बची है.

रोटरी प्रेसिडेंट का सुसाइड नोट

”पिछले कुछ महीनों से बहुत कोशिश कर रहें थे खुद को रोकने की इस लिए भाग रहें थे सब से, अब भाग भी नहीं पा रहे हैं. मेरे पास ख्वाहिश ही नहीं बची है जीने की और जिए भी तो किसके लिए? कई बार सोचा की कॉल करें तुम्हे बताए, रोए पर नहीं कर पाए. खैर मम्मी और उज्जवल को संभालना. मेरी वजह से उज्जवल की शादी मत रोकना. मम्मी को अपने पास बुला लेना. मेरी कमी इतनी नहीं रहेगी कि उन्हें कोई दिक्कत हो. हम तो पहले से ही उनके लिए नाकारा थे, चले भी गए तो तो क्या फर्क पड़ेगा.”

‘मेरी तेरहवीं मत करना’

सुसाइड नोट में आगे नवनीत ने लिखा, ”मैंने जो भी किया है उसका जिम्मेदार मैं हूं और कोई नहीं. अपनी इस खुशी का क्रेडिट किसी को नहीं दे सकते ठीक है भईया. खबर मिलते जल्दी आना और कोई 13वीं और भोज करने की जरूरत नहीं है. सब का ध्यान रखना और अपना भी ख्याल रखना. तुम लोगों को बहुत मिस कर रहे हैं.”

नवनीत ने भाई से मांगी माफी 

नवनीत ने आगे लिखा, ”सबको संभालना भईया अब तुम ही हो. माफ कर देना, मैंने सब कुछ खराब कर दिया. तुम कहते हो न इतने लोग हैं तुम्हारे पास पर किससे शेयर करता कुछ भी. किसी से शेयर नहीं कर पाए आज तक. तुम लोग से आज तक नहीं कर पाए, तो बाकी किस से करते. खैर कुछ आखिरी ख्वाहिश है पूरी कर देना, मेरे जाने के बाद. उज्ज्वल की शादी मत रोकना, जल्दी आना, सिर्फ गुलाब और बेली से सजा कर भेजना, जलाते वक्त बाल नहीं हटना मेरा और ये मत समझना की किसी वजह से मैंने ऐसा किया.

क्या है पूरा मामला

 बता दें कि शहर के युवा व्यवसायी नवनीत रंजन का शव रविवार को उसके कमरे से बरामद हुआ था. वह सामाजिक क्षेत्र में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेता था और वह एक अच्छा कत्थक डांसर भी था. नवनीत तीन भाईयों में दूसरे नंबर पर था. नवनीत के भड़े भाई मनीष रंजन जर्मनी और छोटे भाई उज्जवल रंजन नीदरलैण्ड में जॉब करते हैं. नवनीत अपनी मां इंदू देवी के साथ घर पर अकेले रहता था.

2016 में हुई थी शादी

 नवनीत पिता मोहन प्रसाद की मौत के बाद भवानीपुर जिरात में घर के पास स्थित आवासीय होटल समेत अन्य व्यवसाय को संभाल रहा था. नवनीत का छोटे भाई उज्जवल रंजन की इसी साल नवंबर में शादी होने वाली थी. नवनीत की शादी वर्ष 2016 में हुई थी लेकिन किसी कारण दोनों अलग रह रहे थे. नवनीत आत्महत्या मामले में पुलिस की जांच जारी है. उसके सुसाइड नोट को पुलिस ने जब्त कर लिया है. उसके मोबाइल की तलाश की जा रही है. मोबाइल में उसके सोशल मीडिया अकाउंट से उसके आत्महत्या का कुछ राज खुल सकता है.

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