गया: सावन के महीने में शिव के मंदिरों में अच्छी खासी भीड़ रहती है. भारत में हज़ारों की संख्या में शिव मंदिर हैं, लेकिन इनमें से 12 सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं. जहां मान्यता अनुसार शिव ज्योति रूप में विराजमान हैं. ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में शिवजी के 12 ज्योतिर्लिंगों में से किसी एक पर जाकर रुद्राभिषेक करने से भोलेबाबा बहुत प्रसन्न होते हैं.भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं.
आप भी इस सावन मास में 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहते हैं, लेकिन किसी कारणवश नहीं जा पा रहे हैं तो गया के गांधी मैदान में देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग की कर सकते हैं आप दर्शन. यहां आप निःशुल्क सभी ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकते हैं. अपनी दुख कष्ट भगवान भोले के सामने रख सकते हैं.
28 जुलाई तक कर सकते हैं दर्शन
गया के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बैनर तले 10 दिवसीय द्वादश ज्योतिर्लिंग अध्यात्मिक दर्शन मेला बुधवार से शुरू हो गई है, जो 28 जुलाई तक लगेगी. सावन माह में इन तीर्थों का दर्शन करना काफी फलदायक माना जाता है. सावन में विशेष रूप से सोमवार को शिव की पूजा की जाती है. इसके पीछे का रहस्य है कि कलयुग के अंत में सभी मनुष्य आत्माएं घोर अज्ञान में फंस कर दुखी हो जाते हैं, तब भगवान धरती पर अवतरित होकर ज्ञान रूपी सोम अथवा अमृत पिलाते हैं और ज्ञान की वर्षा करते हैं.
ज्योतिर्लिंग के दिव्य कर्तव्य और उनके महत्व को जानें
गया के गांधी मैदान में 12 ज्योतिर्लिंग में सोमनाथ, ओमकारेश्वर, मलिकार्जुन, वैद्यनाथ, महाकालेश्वर, भीमेश्वर, भुवनेश्वर, केदारनाथ, त्रयम्बकेश्वर, विश्वनाथ, रामेश्वर और नागेश्वर का दर्शन कर सकते हैं. यहां भगवान भोले के सभी रूपों की शिवलिंग की छायाकृत ज्योतिर्लिंग बनाई गई है. इस पर अधिक जानकारी देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आकाश कुमार सिन्हा बताते हैं कि बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो विभिन्न कारणों से ज्योतिर्लिंग का दर्शन नहीं कर पाते. ऐसे में उनके लिए गया के गांधी मैदान में 28 जुलाई तक द्वादश ज्योतिर्लिंग अध्यात्मिक दर्शन कर सकते हैं. सभी ज्योतिर्लिंग के दिव्य कर्तव्य और उनके महत्व के बारे में जान सकते हैं.

