सावन की तीसरी सोमवारी आज, शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भारी भी’ड़

पटना: मलमास की पहली सोमवारी को काफी धूम-धाम से मनाया जा रहा है. 19 साल बाद सावन के साथ मलमास का संयोग देखने को मिल रहा है. ऐसे में सावन महीने के तीसरे सोमवारी पर राजधानी पटना के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है. वहीं राजधानी पटना से सटे बिहटा के प्राचीन बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर   में सावन महीने के तीसरे सोमवारी पर सुबह से ही बाबा का जलाभिषेक और पूजा करने के लिए लाखों संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन के तरफ से श्रद्धालुओं को कोई समस्या ना हो इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

सावन की सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भीड़मंदिर के आसपास पुलिस बल की तैनाती

मंदिर परिसर के आसपास तमाम इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है. महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग से व्यवस्था भी की गई है. बाबा के दर्शन के लिए रेल मार्ग हो या सड़क मार्ग दोनों रास्तों से लोगों की भीड़ पहुंच रही है. पूरा इलाका शिव भक्ति में डूबा हुआ है और इलाके में हर हर महादेव का नारा लगता दिख रहा है.

बिहार में सावन की तीसरी सोमवारीसीसीटीवी से रखी जा रही है नजर

महिला और पुरुषों श्रद्धालुओं के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था की गई है. भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की भी तैनाती की गई है. मंदिर के चारों तरफ सीसीटीवी के जरिए नजर भी रखी जा रही है. स्थानीय पुजारी कुंदन मिश्र बताते हैं कि सावन महीना काफी पावित्र महीना माना जाता है. इस साल सावन दो महीने तक रहेगा. तीसरी सोमवारी भी काफी अच्छे से मनाई जा रही है. लोग बाबा का जलाभिषेक से करने दूर दराज से पहुंच रहे हैं.

श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था

मंदिर के पुजारी चंदन मिश्रा ने बताया कि आज सावन महीने की तीसरा सोमवारी है. दो महीने तक चलने वाले सावन में कुल 8 सोमवारी है. तमाम सोमवारी काफी शुभ दिनों पर है. सुहागिन महिलाओं के लिए काफी अच्छा दिन माना जा रहा है. बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ काफी देखी जा रही है. मंदिर प्रशासन हो या स्थानीय प्रशासन की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था भी की गई है.

तीसरी सोमवारी पर पूजा

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading