मुजफ्फरपुर: अगर इरादा मजबूत हो तो कोशिश करने वाले कि कभी हार नही होती है। इस कहावत को चरितार्थ किया है सरैया प्रखंड के नरगी जीवनाथ निवासी कवि एवं साहित्यकार डॉ. एमके गिरि राकेश ने। वह भगवान शिव में अटूट आस्था रखते हुए निरंतर 52 वर्षो से बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण कर एक कीर्तिमान स्थापित करने जा रहे है। भोलेभक्त राकेश सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से जल उठाते हैं और अदगैवीनाथ की पूजा कर देवघर के लिए प्रस्थान करते हैं।
अब तक सैकड़ों नाटक, उपन्यास तथा कविता एवं कहानी संग्रह की रचना कर चुके डॉ. राकेश ने बताया कि महज 15 साल की उम्र से हीं उन्होंने पैदल कांवर यात्रा की शुरुआत किया था। तब से आज तक यह यात्रा निरंतर चलते आ रही है। इस बार 52वीं कांवर यात्रा होगी। रविवार की सुबह सुल्तानगंज के लिए रवाना होने से पूर्व 67 वर्षीय डॉ. एमके गिरि राकेश अपनी पत्नी इंदिरा देवी, बहू रेणु कुमारी एवं अन्य पड़ोसियों के साथ बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचे थे। वहां जलार्पण पूजन के बाद कांवरियों की टोली सुल्तानगंज के लिए प्रस्थान कर गई।
डॉ. राकेश ने बताया कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से उन्हें कांवर यात्रा में कभी भी कोई परेशानी महसूस नहीं होती है, बल्कि सुख की प्राप्ति होती है। किशोरावस्था से लेकर अब तक लगातार जलार्पण करते आ रहा हूं। इस दौरान कई बार, कुछ विपरीत परिस्थितियां भी सामने आयी। लेकिन उसके बाद भी हिम्मत नहीं हारा और बाबा में अटूट श्रद्धा के कारण कांवर यात्रा में कभी परेशानी महसूस नहीं हुई।
कहते हैं कि अब उम्र ढलने लगी है, लेकिन जब तक बाबा की इच्छा होगी तब तक कांवर यात्रा जारी रखूंगा। उन्होंने बताया कि शुरू शुरू में देवघर से आने के बाद पहलेजा से भी जलबोझी कर के पैदल गरीबनाथ बाबा के ऊपर जलार्पण करते थे। लेकिन पिछले कुछ सालों से सुल्तानगंज निकलने के क्रम में हीं बाबा गरीबनाथ मंदिर में जाकर जलार्पण कर क्षमा याचना के साथ देवघर के लिए प्रस्थान करता हूं। उनके साथ उनकी पत्नी इंदिरा देवी कांवर यात्रा में शामिल होती है। इस बार उनके साथ पत्नी व बहू के साथ आसपास के करीब दो दर्जन कांवरियों की टोली गरीबस्थान मंदिर में पूजा करने के बाद सुल्तानगंज के लिए प्रस्थान किया।