बिहार : 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपनी टीम में बड़ा फेरबदल किया है और बीजेपी की टीम में नए उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिवों को जोड़ा गया है. इस नई टीम में बिहार से एक मात्र ऋतुराज सिन्हा को जगह मिली हैं. जिन्हें राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिली है तो वहीं दूसरी ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. यानी अब बीजेपी ऋतुराज सिन्हा के दम पर बिहार की 40 सीटों को साधने की तैयारी कर रही है.
बीजेपी पहले ही हार मान चुकी है: RJD
वहीं, अब बीजेपी की इस नई टीम ने बिहार का सियासी पारा हाई कर दिया है. एक तरफ जहां बीजेपी में उत्साह है तो वहीं दूसरी JDU हो या RJD, बीजेपी पर जमकर निशाने साध रही है. RJD एमएलसी रामबली चंद्रवंशी ने कहा कि बीजेपी पहले ही हार मान चुकी है. बीजेपी के पास बिहार जीतने का कोई उपाय नहीं है. बीजेपी के द्वारा लगातार कोशिश की जा रही थी, लेकिन अब देखिए एक ही व्यक्ति को केंद्र संगठन में जोड़ा गया है और उसके दम पद जीतने की कोशिश है जो कि सफल नहीं होगी. बिहार ही राजनीति बदलता है और ऐसे में बीजेपी बिहार में केवल फोकस बाजी कर रही है.
बीजेपी अपने पुराने नेताओं को भूलती जा रही: JDU
वहीं, JDU एमएलसी खालिद अनवर ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी अपने पुराने नेताओं को भूलती जा रही है. चाहे वह राधा मोहन सिंह हो चाहे सुशील मोदी हो, इन तमाम नेताओं को बीजेपी बेइज्जत कर रही है. ऐसे में हम अपील करते हैं कि बीजेपी के वर्तमान नेता पार्टी को छोड़ दें और जनता दल यूनाइटेड में उनका स्वागत है. एक व्यक्ति के सहारे बिहार बीजेपी नहीं जीत सकती.
हमें RJD-JDU ना सिखाएं: BJP
वहीं, RJD और JDU पर पलटवार करते हुए बीजेपी एमएलसी अनिल शर्मा ने कहा कि बीजेपी अब उनसे पूछकर काम करेगी? वह बताएंगे कि क्या करना है क्या नहीं करना है? राधा मोहन सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं. साथ ही साथ अभी भी सांसद हैं. उन्हें पार्टी में बहुत इज्जत मिलती है और सुशील मोदी बिहार में प्रतिपक्ष के नेता रहे हैं और अब राज्यसभा के सांसद भी हैं तो अब जेडीयू यह न सिखाएं कि किसको क्या करना है. साथ ही साथ बीजेपी एमएलसी ने जेडीयू कुछ बताते हुए कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को जो बिहार से आते हैं. उनका जन्म भी बिहार में हुआ है पढ़ाई भी बिहार में हुई तो इससे बड़ा नेतृत्व अब और क्या मिलेगा जब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के हों.
बहरहाल ये तो हुई सियासी बयानबाजी, लेकिन सवाल ये कि एकमात्र ऋतुराज सिन्हा के सहारे बीजेपी 2024 की चुनावी वैतरनी पार कर पाएगी. क्या ऋतुराज सिन्हा बिहार की 40 सीटों को साध पाएंगे. इस सवाल का जवाब तो चुनावी नतीजे ही बताएंगे.