मोटे अनाज के पकवान की होगी प्रतियोगिता, 50 महिलाएं होंगी शामिल, जानें डिटेल्स

भोजपुर : लोगों को अब मोटे अनाज की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसको लेकर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं.आरा में मोटे अनाज के उत्पादन के लिए जागरूक किया जा रहा है. इसी उद्देश्य से महिलाओं के बीच मोटे अनाज की प्रतियोगिता होने जा रही है. 50 महिलाओं के बीच होने वाली प्रतियोगिता में तीन विजेता महिलाओं को राष्ट्रीय स्तर में भेजा जायेगा.

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कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर पीके दिर्वेदी ने बताया कि आधुनिक दुनिया में परंपरागत मोटे अनाज के पकवान को हम सब भूल चुके हैं. मोटे अनाज से बनने वाले पकवान हमारी थाली से पूरी तरह गायब हो चुके हैं. वापस थाली में लाने के लिए इस प्रतियोगिता को कराया जा रहा है. अगस्त के अंतिम महीने में इस कार्यक्रम को किया जायेगा. कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि मोटा अनाज के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास और विस्तार के लिए निवेश बढ़ाना और उत्पादन, उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र और राज्य सरकार अग्रसर है.

50 महिलाएं प्रतियोगिता में होंगी शामिल
इसी कड़ी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देशानुसार कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर के द्वारा प्रतियोगिता का आयोजन किया जायगा. प्रतियोगिता का उद्देश्य थाली से लगभग गायब हो चुके परंपरागत मोटे अनाजों के व्यंजन को चलन में लाना है. प्रतियोगिता में जिले की 50 महिलाओं को प्रतिभागी बनाया जायेगा. सभी महिलाएं अपने घर से मोटे अनाज के अलग-अलग व्यंजन बना कर लाएंगी.कृषि विज्ञान केंद्र में इसे चखा जायगा और महिलाओं से कुछ सवाल जवाब भी होगा. जैसे रेसिपी क्या है, व्यंजन के पोस्टिक फायदे क्या है इत्यादि.

मोटे अनाज प्रतियोगिता मेंये सभी व्यंजन शामिल
कृषि विज्ञान केंद्र की ओर बताया गया कि प्रतियोगिता मेंबाजरा कापुआ, बाजरा कालड्डू, बाजरा काचौसेला, बाजरा की खीर, मक्का के ढोकले, बाजरा की कचौड़ी,बाजरा व मक्का के गुलगुले इत्यादि व्यंजन परोसे जायंगे. प्रतियोगिता की तिथि अभी फाइनल नहीं हुई है. संभवतः अगस्त के अंतिम माह में तक आयोजित हो.विजेता महिलाओं को राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिता में भेजा जायेगा.

कृषि वैज्ञानिक डॉ.पीके दिर्वेदी ने कहा कि जो तीन विजेता महिला होंगी, उन्हें राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भेजा जायेगा. वहां से तीन राज्य की महिलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर होने वालीप्रतियोगिता में शामिल कराया जायेगा. इस प्रतियोगिता में मुख्य रुप से वहीं महिलाएं भाग लेंगी जिन्हें मोटे अनाज के बारे में अच्छी जानकारी हो या उनके घर में मोटे अनाज की खेती हो.

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