भागलपुर : बिहार के भागलपुर जिले के टीएनबी कॉलेज से पढ़े और वर्तमान में कम से कम दुनिया भर के 40 विश्वविद्यालयों में अध्यापन का काम कर रहे ब्रज किशोर गुप्ता की पुस्तक ‘टेक योर जाइंट स्टेप नाउ’ का विमोचन बुधवार को किया गया. इस अवसर पर ब्रज किशोर गुप्ता ने कहा कि आप जैसे हैं, आप कहां हैं और क्या हैं, यह मायने रखता है. उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों में गलत अंग्रेजी बोलने पर साथी और शिक्षक मजाक उड़ाते थे. बता दें, मूलतः मुंगेर जिले के तारापुर में जन्मे ब्रज किशोर गुप्ता को पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम के साथ कई वर्ष काम करने का भी अनुभव रहा है.
ब्रज किशोर गुप्ता की यह पुस्तक मूलतः 48 प्रेरक कहानियों का एक सुंदर संकलन है. विमोचन कार्यक्रम के दौरान अपने प्रेरक संबोधन में आईसीएस बैंगलोर के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और महानिदेशक डॉ. बी के दास ने कहा कि किताब लिखना एक संस्था बनाने के समान है, पूरी उम्मीद है कि ये पुस्तक छात्रों को नए कौशल सीखने और उनमें महारत हासिल करने में मदद करेगी. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. (कर्नल) विश्वजीत चौबे ने छात्रों से अपील किया कि वो समाज के लिए एक एसेट बने और भारत को एक महान देश बनाने में योगदान करें.
वहीं अग्रणी प्रबंधन गुरु प्रो. सुभाष शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक उन लोगों को जरूर पढ़नी चाहिए जो जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं. पुस्तक के विमोचन के अवसर पर वहां करीब 300 एमबीए छात्र भी थे. सभी ने लेखक को जीवन पर आधारित एक उत्कृष्ट कृति लाने के लिए बधाई दी. अंग्रेजी के प्रोफेसर डॉ. सरयुग यादव ने लेखक की तुलना फ्रांसिस बेकन से करते हुए कहा कि यह किताब सुंदरता की चीज है क्योंकि इसमें भाषा की सुंदरता, रूप की सुंदरता, विचारों की सुंदरता और भावनाओं की सुंदरता है.बिहार के संपादक ब्रज मोहन सिंह ने कहा कि पुस्तक पाठकों को उनके भावनात्मक दृष्टिकोण को निर्धारित करने और उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने की उनकी क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी. इस दौरान बिहार के जाने माने पत्रकार और लेखक संतोष सिंह ने लेखक के साथ अपनी कुछ यादें साझा कीं और कहा, ‘यह पुस्तक छोटी प्रेरक कहानियों के रूप में जीवन के अनुभवों और ज्ञान के मोतियों का सुखद मिश्रण है. पुस्तक एक शांत नदी की तरह बहती है जो अपनी अंतर्धारा में तीव्रता छुपाती है. इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों को लेखक के साथ बातचीत करने का अवसर मिला.