बेगूसराय: बचपन में आपने लुका-छिपी, चोर-पुलिस और न जाने कितने घरेलू खेल खेले होंगे. इनमें से एक सबसे पॉपुलर पत्थर तोड़, जिसको बोलचाल की भाषा में पिट्टो भी कहा जाता है. गांव-गांव में खेला जाने वाला पिट्टो या पत्थर तोड़ अब लागोरी के नाम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर चर्चित होने जा रहा है. इसकी शुरुआत बेगूसराय से हो रही है. भारत सरकार के खेल मंत्रालय और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में इसकी शुरुआत की जा रही है. बता दें कि इस खेल के लिए लगोरी एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले बेगूसराय में राज्यस्तरीय कार्यशाला एवं ट्रायल की शुरुआत हो गई है.
ट्रायल में कई जिलों से आए खिलाड़ी
लागोरी खेल के राज्य संयोजक रणधीर कुमार ने बताया कि इस खेल के ट्रायल में बेगूसराय के अलावा खगड़िया, सहरसा, सुपौल, जमुई, शेखपुरा, भागलपुर एवं छपरा जिले के सिनियर वर्ग के 75 बालक एवं 40 बालिका खिलाड़ी शामिल हुए. बिहार के सात अन्य जिलों का ट्रायल अगले रविवार को बेगूसराय में आयोजित की जाएगी. ट्रायल पूरा होने के बाद खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए एक सप्ताह का कैंप लगाकर विशेष रूप से जानकारी दी जाएगी.
हरियाणा में होगी राष्ट्रीय चैंपियनशिप
रणधीर कुमार ने बताया कि इसमें 15 बालक एवं 15 बालिका खिलाड़ी का चयन आठ से दस सितंबर तक हरियाणा में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए किया जाएगा. भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से गोवा में आयोजित होने वाले आगामी राष्ट्रीय खेल तथा स्कूली गेम्स से लागोरी मान्यता मिल चुकी है. हरियाणा के रेवाड़ी में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ी ही अक्टूबर माह में गोवा में होने वाले 37वें राष्ट्रीय खेल में शामिल होंगे. बेगूसराय के खिलाड़ियों ने कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल आदि में अपनी पहचान बनाई है. अब इस जिले से लागोरी का शुभारंभ हो रहा है. यह बिहार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा.