थाईलैंड जाने के लिए लोगों से मांगा चंदा, फिर ड्रैगन बोट रेस में मचाया धमाल, पढ़ें नीलू के संघर्ष की कहानी

मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली नीलू ने हाल ही में थाईलैंड के पटाया में भारत का तिरंगा लहराया है. दरअसल थाईलैंड में आयोजित अंतराष्ट्रीय ड्रैगन बोट प्रतियोगिता में नीलू भारतीय टीम का हिस्सा थीं. इस दौरान भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया. नीलू ने बताया कि पहले वो रग्बी की खिलाड़ी थीं, लेकिन वेट प्रॉब्लम होने के कारण अपने कोच की मदद से ड्रैगन बोट रेस के बारे में जाना. इसके बाद इस खेल के तैयारी की और थाईलैंड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ड्रैगन बोट चैंपियनशिप में अपनी टीम के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमा लिया.

नीलू ने बताया कि ड्रैगन बोट रेस एक प्रकार की नाव रेस है, जोकि एशियन गेम्स में भी शामिल है. इसके अलावा कई अंतराष्ट्रीय मंचों पर इस ड्रैगन बोट रेस खेल होता है. उन्‍होंने बताया कि इससे पहले मोतिहारी के मोतीझील में इस खेल से जुड़े खिलाड़ियों की प्रैक्टिस कराई गई थी. इसी दौरान उनका चयन अंतराष्ट्रीय ड्रैगन बोट मुकाबले में भारतीय टीम के लिए हुआ. इसके बाद कोलकाता में भी प्रैक्टिस सेशन चला. वहां से प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए थाईलैंड गई. टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया है. नीलू ने बताया कि ड्रैगन बोट एक प्रसिद्ध खेल है और विदेशों में लोग इसे बड़े पैमाने पर खेलते हैं.

चंदा मांगकर गई थी थाईलैंड
नीलू ने बताया कि वर्तमान में उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है. थाईलैंड के पटाया में खेलने जाने के लिए उनको कई लोगों से चंदा मांगना पड़ा था. इस चंदे के पैसे से थाईलैंड के पटाया पहुंच सकी थी. नीलू ने कहा कि आगे भी वह इस खेल को जारी रखेंगी और ड्रैगन बोट में भारत के लिए गोल्ड मेडल लाने का प्रयास करेंगी. साथ ही बताया कि भारतीय टीम के लिए खेलना मेरा सपना था, जो कि पूरा हो गया है.

सीएम नीतीश से मिला ये आश्वसन
कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रही नीलू ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने नीलू का जीत की बधाई देने के साथ खेल सम्मान और सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया.

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