क्लास रूम में जाने से पहले बच्चे लेते है भगवान का नाम, लगाते है सुरक्षा की गुहारस, जानें रहस्य

जमुई : पुराने जमाने में युद्ध पर जाने से पहले लोगों के लिए सलामती की दुआ मांगने की बातें तो आपने खूब सुनी होगी, लेकिन जमुई में एक ऐसा भी विद्यालय है, जहां बच्चे कक्षा में जाने से पहले अपनी सलामती की दुआ मांगते हैं. इतना हीं नहीं हर सुबह जब बच्चे विद्यालय पहुंचते हैं तब क्लास रूम में जाने से पहले भगवान के मंदिर में जाते हैं और माथा टेकते हैं. उनसे अपने सलामती की दुआ मांगते हैं और उसके बाद उनका दैनिक कक्षा प्रारंभ होता है. दरअसल, जमुई जिला के बरहट प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय नुमर में बच्चे जर्जर भवन में पढ़ते हैं. लेकिन बच्चों का कहना है कि उनकी सुरक्षा भगवान के द्वारा की जाती है और यही कारण है कि वह हर रोज क्लास रूम में जाने से पहले भगवान के सामने माथा टेक कर अपनी सलामती की दुआ मांगते हैं. तभी अपनी कक्षा में प्रवेश करते हैं.

उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय नुमर का भवन काफी जर्जर है. दीवारों में बड़ी दरारे हैं तथा छत का कई हिस्सा टूटकर गिर चुका है. विद्यार्थियों ने बताया कि पूर्व में भी विद्यालय में हादसा हो चुका है. बच्चों ने बताया कि एक बार एक शिक्षिका पढ़ा रही थी, तभी छत का एक हिस्सा टूटकर उन पर गिरा. हालांकि उसमें वह बाल-बाल बच गई तथा उन्हें मामूली चोट आई. जिसके बाद अब हर दिन क्लास रूम में जाने से पहले भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हे भगवान हमें और हमारे शिक्षकों को सुरक्षित रखें तथा हम यहां से सकुशल अपने घर वापस जाएं. भगवान के आशीर्वाद के कारण हीं हमारी पढ़ाई जारी है और किसी हादसे का शिकार नहीं बन पा रहे हैं.

लिखित सूचना देने के बाद भी स्कूल का नहीं हो सका मरम्मत
विद्यालय प्रधान अर्चना कुमारी ने बताया कि उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय नुमर में 217 बच्चे नामांकित है तथा यहां पांच शिक्षिका और एक शिक्षक पदस्थापित हैं. हर रोज यहां पर बच्चों की अच्छी खासी उपस्थिति भी होती है. उन्होंने बताया कि इसको लेकर पूर्व में विभाग के वरीय पदाधिकारियों को लिखित सूचना देकर विद्यालय का जर्जर भवन को ठीक कराने की गुहार भी लगाई थी. उन्होंने बताया कि विद्यालय का रंग-रोगन तो करा दिया पर इसकी पूरी मरम्मती संभव नहीं है. ऐसे में बच्चे प्रतिदिन खतरे के साए में पढ़ते हैं और यही कारण है कि वह विद्यालय जाने से पहले भगवान से माथा टेककर सलामती की दुआ मांगते हैं.

विद्यालय परिसर के बीचो-बीच अवस्थित है भगवान का मंदिर
गौरतलब है कि बरहट प्रखंड क्षेत्र के नुमर गांव में उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय अवस्थित है. इस विद्यालय की सबसे खास बात यह है कि इस विद्यालय परिसर के बीचो-बीच हीं भगवान का मंदिर बना हुआ है तथा उसी मंदिर में बच्चे पूजा-अर्चना करने आते हैं. अस्पताल एवं पुलिस थानों में तो मंदिर होना आम बात है, परंतु विद्यालय परिसर के बीचो- बीच बना मंदिर अपने-अपने आप में अनोखा भी है और ग्रामीणों का दावा है कि मंदिर के भगवान ही बच्चों की प्रतिदिन रक्षा करते हैं. ग्रामीणों ने भी विद्यालय भवन को बनाए जाने की मांग की है.

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