इतिहास के पन्नों में जुड़ेगा नया अध्याय, 81 साल बाद 15 बलिदानियों को मिलेगा सम्मान

पूर्णिया : 25 अगस्त, 1942 को धमदाहा थाने में तिरंगा फहराने के दौरान गोरे सिपाहियों की गोलियों से बलिदान हुए 15 सेनानियों को 81 साल बाद उचित सम्मान मिलेगा। पहले स्थानीय स्तर पर बनी कमेटी जनसहयोग से 25 अगस्त को बलिदान दिवस मनाती थी। इस बार इन सेनानियों का बलिदान दिवस राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने इस दिवस को महीने भर पहले राजकीय समारोह का दर्जा दिया है। समारोह में सेनानियों के स्वजन को सम्मानित किया जाएगा। धमदाहा में प्रभात फेरी और झांकी निकाली जाएगी।

गांवों में उत्साह का माहौल

बलिदान दिवस पर आयोजित प्रथम राजकीय समारोह को लेकर क्षेत्र के गांवों में उत्साह है। गुरुवार की शाम बारिश के बीच समारोह की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार सुबह सात बजे से होगी। विभिन्न स्कूल के बच्चे प्रभात फेरी निकालेंगे। सुबह 9:45 बजे शहीद स्मारक पर बलिदानियों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। 9:50 पर झंडातोलन होगा। 9:55 बजे पौधारोपण का कार्यक्रम होगा। 10:15 बजे सर्वधर्म सभा के बाद बलिदानियों के स्वजन को सम्मानित किया जाएगा।

सड़कों पर जलाए जाएंगे द्वीप

शाम पांच बजे शहीद स्मारक से लेकर धमदाहा थाना तक सड़क के दोनों तरफ दीप जलाए जाएंगे। वहीं, शाम सात बजे से हाई स्कूल क्रीड़ा मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें बॉलीवुड के मशहूर गायक शब्बीर कुमार अपनी प्रस्तुति देंगे। बता दें कि 25 अगस्त 1942 को धमदाहा थाना पर झंडा फहराने के दौरान गोरे सिपाहियों ने स्वतंत्रता सेनानियों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी और इसमें धमदाहा के 15 स्वतंत्रता सेनानी एक साथ बलिदान हो गए थे। यूं तो यहां 25 अगस्त को हर साल कार्यक्रम आयोजित होता रहा है, लेकिन इस बार बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री लेशी सिंह के प्रयास से बलिदान दिवस को इस बार राजकीय दर्जा मिला है।

साथ ही मंत्री के प्रयास से न केवल इस कार्यक्रम से जन जुड़ाव बढ़ा है बल्कि इसे भव्य रूप भी दिया गया है। कार्यक्रम में इस बार गांव-गांव से तिरंगा लेकर लोग पहुंचेंगे और तिरंगा यात्रा आकर्षण का केंद्र होगा।

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