नीतीश कुमार सरकार ने अपनी लगाई आग बुझाई; राज्यपाल से मुख्यमंत्री की भेंट के बाद अधिसूचना वापस ली

बिहार : पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रहा राजभवन और शिक्षा विभाग अब थम गया है। बिहार सरकार ने अपना आदेश वापस दे लिया है। शिक्षा विभाग जारी की गई विवादित अधिसूचना वापस ले ली गई है। हालांकि, इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन विवाद पर सकारात्मक संकेत दे दिए थे। इसके बाद माना जा रहा था कि जल्द ही सबकुछ ठीक हो जाएगा। अब शिक्षा विभाग ने अधिसूचना ही वापस ले लिया।

Bihar cm Nitish kumar met Governor Rajendra Vishwanath Arlekar Sushil Modi  also reached Political speculation intensifies - नीतीश ने की राज्यपाल से  मुलाकात, कुछ देर बाद सुशील मोदी भी पहुंचे ...वेतन बंद करने के साथ ही सभी खातों के ट्रांजेक्शन पर लगा दी थी रोक
दरअसल, शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक के निर्देश पर 17 अगस्त 2023 एक लेटर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के कुलपति और प्रतिकुलपति के वेतन बंद करने के साथ ही बचत खाता और अन्य सभी खातों के ट्रांजेक्शन पर रोक लगाई जाती है। यह आदेश शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक के निर्देश पर शिक्षा सचिव ने जारी की थी। इस मामले पर राजभवन ने फौरन संज्ञान ले लिया। इसके बाद बिहार सरकार के इस फैसले को खारिज कर दिया था।

बुधवार को सीएम नीतीश पहुंचे थे राजभवन, राज्यपाल से मिले थे
विवाद के बाद बुधवार की शाम अचानक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंच गए। वहां पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से बातचीत की। राजभवन ने इसके बाद प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा और विवि से संबंधित विषयों पर समाधानपूर्ण विमर्श राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच हुआ। वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए शुक्रवार को  राजभवन विवाद पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सबलोग मिलजुल कर काम कर रहे हैं। कोई इधर-उधर नहीं है। कहीं कोई सीट खाली रहेगा तो उसको भरा जाएगा। अभी हाल में ही दो दिन पहले अच्छी तरह से बातचीत हुई है। कहीं कोई विवाद नहीं है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading