पटना : केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक एक देश, एक चुनाव के लिए कमेटी गठित कर दी है. पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में कमेटी कानून के सभी पहलुओं पर विचार करेगी और एक देश, एक चुनाव की संभावना का पता लगाएगी. कमेटी लोगों की राय भी लेगी. बता दें कि वन नेशन, वन इलेक्शन के विचार का मतलब देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने से है. बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कमेटी बनाए जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे देश में विकास की गतिविधि तेज होगी.
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व वर्तमान में भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा, वर्ष 2019 में चुनाव में सरकार और राजनीतिक दलों के खर्चे मिलकर 60,000 करोड़ रुपए के आसपास थे. कभी न कभी आचार संहिता लगी रहती है और विकास का काम बाधित हो जाता है. इसलिए, पूरे देश में अगर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हो तो और अरबों खरबों रुपए की बचत तो होगी ही विकास की गतिविधि तेज होगी.
सुशील मोदी ने आगे कहा, 1967 में एक साथ लोकसभा विधानसभा का चुनाव हुआ था, लेकिन उसके बाद ऐसा नहीं हो पाया. इसके पहले लॉ कमीशन और इलेक्शन कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया. अगर एक राष्ट्र एक चुनाव होता है तो देश के विकास के लिए बेहतर है. सरकार कमेटी की रिपोर्ट देखेगी और आगे तय करेगी कैसे आगे बढ़ना है.संसद के विशेष सत्र में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर चर्चा और बिल पास कराए जाने के सवाल पर सुशील मोदी ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. सुशील मोदी ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी जी का जो ट्वीट संसद के विशेष सत्र को लेकर आया है, इसका क्या मकसद और क्या एजेंडा है, इस बारे में स्पेकुलेट करना उचित नहीं होगा.सरकार के एजेंडे के बारे में इंतजार करना चाहिए.