सोच बदल देगा बिहार का ये सरकारी स्कूल, स्वच्छता के लिए मिला पुरस्कार

भागलपुर : जब भी बिहार के सरकारी स्कूलों की बात होती है, तो जहन में जर्जर स्कूल भवन, अव्यवस्था, बदहाली और बदइंतजामी की तस्वीर आती है. भागलपुर में एक ऐसा स्कूल है, जिसे देख आपकी सोच बदल जाएगी. यह सरकारी स्कूल देखने में किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. हम बात कर रहे हैं भागलपुर के सरकारी विद्यालय की, जहां चमचमाता स्कूल भवन. चाक-चौबंद व्यवस्था, हर तरफ हरियाली. भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखंड के कन्या प्राथमिक विद्यालय नवटोलिया की है. इस विद्यालय स्कूल की साफ-सफाई से लेकर साजो सजावट और अनुशासन को देख आप भी चौंक जाएंगे. इस स्कूल को बिहार के सबसे स्वच्छ स्कूलों में 28वां स्थान मिला है.

सोच बदल देगा ये स्कूल

ये स्कूल भागलपुर का पहला स्कूल है, जो स्वच्छता, शिक्षा और प्राकृतिक सजावट में नंबर वन है. दरअसल, शिक्षा विभाग ने पूरे राज्य में 28 स्वच्छ स्कूलों का चयन किया. जिसमें जिले से कन्या प्राथमिक विद्यालय नवटोलिया को भी पुरस्कृत किया गया. ऐसे में न्यूज़ स्टेट की टीम स्कूल में पड़ताल के लिए पहुंची, तो स्कूल का नजारा देख हम भी चौंक गए. स्कूल परिसर में पौधों की क्यारियां बनाकर अलग-अलग तरीके से सजावट की गई है.

स्वच्छता के लिए स्कूल को मिला पुरस्कार

स्कूल में बच्चे पूरा डिसिप्लिन मेन्टेन करते हैं. पढ़ाई और मिड-डे मील से पहले सेनेटाइजर और हैंडवाश से हाथ धोते हैं. हर क्लास रूम के बाहर डस्टबिन है. लड़के-लड़कियों के लिए अलग से शौचालय का इंतजाम हैं. स्कूल प्रिंसिपल की मानें तो 2012 में उन्हें स्कूल का प्रभार मिला था और उस वक़्त उनके लिए बच्चों की उपस्थिति और संसाधनों का बेहतर उपयोग सबसे बड़ा चैलेंज था. जिसे उन्होंने पूरा करने की कोशिश की.

साफ-सफाई का भी बेहतर इंतजाम

इस स्कूल में सिर्फ साफ-सफाई और सुंदरता ही नहीं बल्कि बच्चों के बेहतर शिक्षा पर भी फोकस किया गया है. स्कूल में 149 बच्चे नामांकित है और बच्चों की उपस्थिती भी 75 फीसदी तक होती है. इसके अलावा पढ़ाई के साथ ही बच्चे खेल-कुद में भी भाग लेते हैं. जब भी बिहार के सरकारी स्कूलों की बात होती है, तो जहन में जर्जर स्कूल भवन, अव्यवस्था, बदहाली और बदइंतजामी की तस्वीर आती है.  भागलपुर का ये स्कूल मिसाल पेश कर रहा है. स्कूल प्रिंसिपल और प्रबंधन की पहल से इस स्कूल का ऐसा कायाकल्प हुआ कि ये स्कूल हर मामले में प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहा है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading