पटना : अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले आइएनडीआइ के घटक दलों के अंदर बिहार में सीट बंटवारे को लेकर मामला फंसता नजर आ रहा है। शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डा. अखिलेश प्रसाद सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस बिहार में कम से कम नौ लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नौ सीटों पर लड़ी थी ऐसी स्थिति में हमारी यह दावेदारी तो बनती ही है। बताएं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने वाल्मीकि नगर, सुपौल, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, समस्तीपुर, मुंगेर, सासाराम और पटना संसदीय क्षेत्र में अपने प्रत्याशी उतारे थे। इन सीटों में से सिर्फ एक सीट किशनगंज पर कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज कराई थी।
कांग्रेस के बिहार अध्यक्ष होने के नाते डा. सिंह ने तो अपनी बात रख दी, लेकिन मुद्दा यह है कि क्या राजद-जदयू जैसे दल कांग्रेस की इस मांग से सहमत होंगे? इसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि बीते लोकसभा चुनाव में जदयू ने 16 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी। यह ऐसी लकीर है जिससे नीचे जदयू किसी भी हाल में आना नहीं चाहेगा।
जदयू की तर्ज पर राजद की मांग भी करीब 16 सीटों की होगी। 40 लोकसभा सीटों वाले बिहार में तय माना जा रहा है कि 32 सीटों पर जदयू-राजद की दावेदारी होगी। शेष बची आठ सीटों में कांग्रेस और वामदलों की दावेदारी बनेगी। ऐसी चर्चा है कि जदयू-राजद कांग्रेस को ज्यादा से ज्यादा पांच सीटें ही देंगे। तीन बची हुई सीटें वाम दलों के खाते में जाएंगी। जदयू-राजद के इस निर्णय से कांग्रेस कितना सहमत होगी यह तो वक्त बताएगा। लेकिन, मामला फंसता दिख रहा है।