उत्तर प्रदेश : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी इन दिनों अपनी निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा के क्रम में उत्तर प्रदेश में हैं. यूपी यात्रा के दौरान लोगों, खासकर महिलाओं और युवाओं के मिल रहे समर्थन से उत्साहित मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद के पास हनुमान जैसी शक्ति है, बस उसे पहचानने की जरूरत है. इस दौरान सहनी ने समाज के लिए संघर्ष करने और आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य के लिए उपस्थित हजारों लोगों के हाथ में गंगाजल देकर संकल्प करवाया. उन्होंने लोगों से भी गांव-गांव में पहुंचकर अन्य लोगों को भी संकल्प करवाने का आह्वान किया. इसके साथ ही उन्होंने बिना किसी के नाम लिए उत्तर प्रदेश के निषाद नेता संजय निषाद पर जमकर निशाना साधा.
सहनी ने उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद स्थित बिलारीडीह में ‘निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा’ के तहत विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से मिल रहे समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि आज मैं अगर नेता बना हूं तो आपके समर्थन से बना हूं. मुकेश सहनी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपने जिसे यूपी में नेता बनाया उनके लिए नरेन्द्र मोदी जी और योगी आदित्यनाथ जी भगवान हैं, लेकिन हमें ऐसा भगवान नहीं चाहिए जो हमें देखे ही नहीं. आज यूपी की हालत यही है. उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार का काम मंदिर बनाना नहीं है, यह काम समाज का है. सरकार का काम स्कूल, अस्पताल बनाना है, जिसमें गरीब के बच्चे जा सके.
वीआईपी नेता ने यहां श्री शिव गोरक्षनाथ पूर्वज (पितृ) मुक्ति धाम में महादेव की पूजा-अर्चना की और देश , प्रदेश की तरक्की की कामना की. यहां से यह यात्रा रोहड़ा, सकलडीहा होते हुए कमालपुर पहुंची. यहां उन्होंने कहा कि जब दिल्ली, पश्चिम बंगाल में निषादों को आरक्षण मिल सकता है, तो बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में क्यों नहीं?
‘सन ऑफ मल्लाह ‘ के नाम से चर्चित मुकेश सहनी ने कहा कि अब निषाद का वोट न बिकेगा न इन्हें अब बरगलाया जा सकता है. उन्होंने निषादों के लिए आरक्षण को अधिकार बताते हुए प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि मैं किसी के आरक्षण का विरोधी नहीं हूं, लेकिन जब प्रधानमंत्री जी सवर्ण के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दे सकते हैं तो फिर निषादों के गरीबों के लिए आरक्षण क्यों नहीं?
मुकेश सहनी ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार निषाद को न आप खरीद सकते हैं न बरगला सकते हैं. इस बार निषाद के बेटों ने संकल्प ले लिया है कि आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं और गठबंधन नहीं तो वोट नहीं और वोट नहीं तो दिल्ली में आपकी सरकार भी नहीं.