बिहार: अब नेपाल आने वाले पर्यटक भी बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में पर्यटन स्थलों का दीदार कर सकेंगे. दरअसल, नेपाल ने इंडियन एंबेसी के जरिए इंडो-नेपाल टूरिज्म पर विशेष पहल की है.खास बात यह है कि इंडो नेपाल टूरिज्म को बढ़ावा देने वाली बैठक में भारत से वाल्मिकी टाइगर रिजर्व प्रशासन के साथ वाल्मिकी भ्रमण के टूर ऑपरेटर एवं 25 अन्य टूर ऑपरेटरों की मीटिंग नेपाल में उपस्थित कुल 120 डेलीगेट्स के साथ होनी है.

बैठक के लिए आमंत्रित वाल्मिकी भ्रमण के टूर ऑपरेटर शुभम शरण ने बताया कि नेपाल आने वाले पर्यटकों को भारत में पर्यटन हेतु, भिखना ठोड़ी, वाल्मिकी नगर स्थित गंडक बैराज और पूर्वी चंपारण के रक्सौल के जरिए लाया जाएगा.बकौल शुभम, इंडो-नेपाल टूरिज्म के जरिए बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले का टूरिज्म सबसे ज्यादा प्रभावित होगा. नेपाल आने वाले विदेशी टूरिस्ट वहां से सीधे वाल्मिकी टाइगर रिजर्व का रुख करेंगे. इसके अलावा वे बिहार के अन्य सभी पर्यटन स्थलों का भी दीदार आसानी से कर सकेंगे.
बता दें कि नेपाल का चितवन राष्ट्रीय पार्क और बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में स्थित वाल्मिकी टाइगर रिजर्व एक-दूसरे से अपनी सीमा साझा करते हैं. सटे होने की वजह से जानवर एक जंगल से दूसरे जंगल में प्रवेश कर जाते हैं. इंडो-नेपाल टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से दोनों देशों के आपसी रिश्ते में और भी गर्माहट आएगी. इससे वनों के विकास एवं देखरेख में भी सहूलियत होगी.


