पटना. संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक’ को नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने बिना शर्त समर्थन की घोषणा की है. खास बात यह है कि रिजर्वेशन में कोटा के भीतर कोटा के नाम पर राजद इसके विरोध में खड़ा है. इस मुद्दे को लेकर बिहार की राजनीति में भी हलचल है और भाजपा ने सीएम नीतीश कुमार से बड़ी मांग कर दी है. भाजपा के राज्य सभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने सीएम नीतीश कुमार को राजद द्वारा महिला आरक्षण पर समर्थन के लिए मनाने की मांग की है.
पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने नए संसद भवन में लोकसभा की कार्यवाही के पहले दिन महिला आरक्षण विधेयक पेश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अब पीएम-पद के दावेदार नीतीश कुमार को यह सुनिश्चित करना चाहिए राजद इस विधेयक के पारित होने में कोई अड़ंगेबाजी न कर सके.
सुशील मोदी ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विधेयक जब 1998 में अटल जी की सरकार ने पेश किया था, तब लालू प्रसाद के उकसावे पर उनकी पार्टी के सांसद सुरेंद्र यादव ने तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के हाथ से छीन कर सदन में विधेयक की कॉपी फाड़ दी थी.

उन्होंने कहा कि यह घटना देश के संसदीय इतिहास में काले धब्बे की तरह दर्ज है. लेकिन, मातृशक्ति के अपमान का ऐसा पाप लगा कि सुरेंद्र यादव ने फिर कभी लोकसभा का मुंह नहीं देखा और आज लोकसभा में राजद का एक भी सदस्य नहीं है. मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद के महिला विरोधी रुख और सरकार गिरने के डर से जो कांग्रेस 2010 में यह विधेयक लोकसभा में पेश करने की हिम्मत नहीं कर पायी, वह आज इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है. सुशील मोदी ने कहा कि शरद यादव, मुलायम सिंह यादव (दोनों दिवंगत) और लालू प्रसाद के दुराग्रह की वजह से भारत की आधी आबादी पिछले 25 साल से विधायिका में आरक्षण पाने से वंचित रही.मोदी ने कहा कि महिला विधेयक पारित कराने का ऐतिहासिक कार्य भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा होगा.