पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण मिलना ही चाहिए। संसद में लाए गए महिला आरक्षण विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने यह बात मीडिया से बात करते हुए कही। बता दें कि देश की संसद में आज महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बिहार में महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा काम हुआ है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि वे लोग महिलाओं को आरक्षण देने की केवल बात करते हैं, लागू नहीं करेंगे। हमने तो उन्हें जाति आधारित गणना को लेकर भी उनसे कहा था, मांग रखी थी।
महिला आरक्षण तो जरूरी है : नीतीश
दरअसल, बुधवार को मीडिया कर्मियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से महिला आरक्षण विधेयक और जातीय आधारित गणना को लेकर सवाल किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि महिला आरक्षण तो जरूरी है। हम तो शुरू से मांग कर रहे हैं। जब हम संसद में तभी से मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हो रहा है ये अच्छी बात है, लेकिन इसके साथ-साथ हमने बहुत सारी बातें कह दी हैं। ये (विपक्ष) लागू तो करेंगे नहीं।
जातीय गणना पर भी बोले सीएम
वहीं, जातीय आधारित गणना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इनको जो करना था, लागू हो जाना चाहिए था 2021 में। हर 10 साल पर जनगणना होती थी। वो हो नहीं रही है। इसको हमेशा समय पर होना चाहिए। उसमें हमने कहा है कि जातीय आधारित गणना भी कर लीजिए, सबकी यही डिमांड भी है।
नीतीश कुमार ने पूछा- ऐसा पहले कहीं था?
सीएम ने कहा कि बिहार में महिलाओं के लिए बहुत कुछ हुआ है। सबसे पहले 50 फीसदी आरक्षण हमने ही दिया था। छह में पंचायतों का और सात में नगर निकायों का, उसके बाद हमने कितने लोगों की बहाली शुरू की। जब नीचे पांचवें क्लास तक की बहाली हो रही थी तो हमने लड़कियों के लिए 50 फीसदी कर दिया था। ऐसा पहले कहीं था? बाद में हम लोगों ने सब जगह बहाली में 35 फीसदी सरकारी बहाली में कर दिया।
पुलिस में भी 35 फीसदी आरक्षण किया। आज पुलिस में जितनी महिलाएं हैं, उतनी देश में कहीं हैं? ये सब हम लोगों ने किया है। ‘जीविका दीदी’ स्वयं सहायता समूह बने, जिनसे बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ीं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमने सब जगह महिलाओं के लिए काम किए हैं, इसलिए महिलाओं को आरक्षण बिलकुल मिलना चाहिए।