संतान की कुशलता के लिए व्रती आज रखेंगी जिउतिया उपवास, उदया तिथि मानने वाली शनिवार को करेंगी व्रत

बिहार : जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत को लेकर महिलाओं ने गुरुवार को नहाय-खाय संपन्न किया। महिलाओं ने गुरुवार को गंगा नदी में स्नान करने के बाद मडुआ रोटी, नोनी के साग, कंदा, झिमनी, करमी आदि का सेवन किया। नहाय-खाय संपन्न करने के बाद महिलाएं शुक्रवार जिउतिया (जितिया) व्रत करेंगी। वहीं, सात अक्टूबर को सुबह 10.32 बजे के बाद व्रत का पारण करेंगी। इस बार व्रत को लेकर संशय की स्थिति बनी है। कुछ जगहों पर शुक्रवार और कुछ जगहों पर शनिवार को व्रत की बात है।

Jitiya Vrat: इस बार 35 घंटे का होगा जीवित्पुत्रिका निर्जला व्रतअष्टमी तिथि छह अक्टूबर को

ज्योतिष आचार्य पीके युग ने बताया कि आश्विन के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को जिउतिया का व्रत मनाया जाता है। इस व्रत में शाम में प्रदोष काल में पूजन का विधान है। प्रदोष काल में अष्टमी तिथि छह अक्टूबर को पड़ रही है। जिउतिया में अष्टमी तिथि में नवमी तिथि नहीं मिलनी चाहिए, जबकि सात अक्टूबर को दोनों तिथियां मिल रही हैं। ऐसे में छह अक्टूबर को व्रत रख सात अक्टूबर को पारण करना उचित है।

सामग्री का नदी में किया जाएगा विसर्जन

वहीं, उदया तिथि को मानने वाले सात अक्टूबर को व्रत रखेंगे। छह अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ चंद्रमा से चौथे भाव में उच्चस्थ बुध के कारण भद्र योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ सूर्य व बुध के साथ बुधादित्य योग बन रहा है। व्रत के दिन महिलाएं कुश से बनी जीमूतवाहन की प्रतिमा बना पूजा अर्चना कर कथा सुनेंगी। पूजन के बाद सामग्री को नदी में विसर्जन किया जाएगा।

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