नवरात्रि के 9 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं. ऐसे में मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा अलग-अलग दिन की जाती है. इस पर विस्तृत जानकारी देते हुए कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर ज्योतिष विभाग के विभाग के अध्यक्ष डॉ कुणाल कुमार झा ने विशेष जानकारी दी. उन्होंने सभी 9 दिनों में माता के अलग अलग रूपों के पूजा का महत्व बताया. जानें किस दिन मां के किस स्वरूप की होगी पूजा…

जानिए पहले से लेकर अंतिम दिन किस रूप की होगी पूजा
15 अक्टूबर 2023 रविवार को प्रतिपदा तिथि में मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी. वहीं 16 अक्टूबर सोमवार द्वितीया तिथि में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी. 17 अक्टूबर मंगलवार को तृतीया तिथि में मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी. 18 अक्टूबर नवरात्रि के चौथे दिन चतुर्थी तिथि को मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना होगी. 19 अक्टूबर पंचमी तिथि को मां स्कंदमाता की पूजा की जाएगी. 20 अक्टूबर नवरात्रि के छठे दिन षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी की पूजा होगी. 21 अक्टूबर शनिवार नवरात्रि के सातवें दिन सप्तमी तिथि को मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी. 22 अक्टूबर रविवार को नवरात्रि के आठवें दिन अष्टमी तिथि को दुर्गा माहा अष्टमी पूजा होगी.
23 अक्टूबर सोमवार को नवरात्रि के नौवे दिन नवमी तिथि को दुर्गा महानवमी पूजा मां सिद्धि रात्रि की पूजा होगी और 24 अक्टूबर मंगलवार को दशमी तिथि को नवरात्रि पारण दुर्गा विसर्जन, विजयदशमी पर्व मनाया जाएगा.

वैसे नवरात्रि में सबसे पहले 20 अक्टूबर को गज पूजा सायं काल बिलनौती, 21 अक्टूबर को पत्रिका प्रवेश सरस्वती पूजा आरंभ, उसी दिन महरात्रि निशा पूजा रात्रि जागरण, 22 अक्टूबर को महाष्टमी व्रत और संधि पूजा है. 23 अक्टूबर को महानवमी व्रत है, त्रिशूलिनी पूजा है. इसी दिन बलि दी जाएगी. 24 अक्टूबर को अपराजिता पूजा विजयदशमी देवी विसर्जन जयंती धरण् सरस्वती विसर्जन नवमी व्रत परिणाम किया जाएगा.