राज्य के लोगों को उनकी जमीन संबंधित मामलों में सुझाव देने और इससे जुड़ी शिकायतों का निपटान जल्द से जल्द करने के लिए एक डेडीकेटेड कॉल सेंटर शुरू किया जा रहा है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में यह आगामी दो महीने में केंद्रीकृत कॉल सेंटर पूरी तरह से काम करने लगेगा. यह जानकारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री आलोक मेहता ने मुख्य सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में दी है.

सुलझाए जाएंगे अतिक्रमण और दाखिल खारिज के मामले
राजस्व मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि इस कॉल सेंटर का नंबर जल्द ही सभी लोगों के मुहैया करा दिया जाएगा. इस नंबर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाओं जैसे अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, जमाबंदी में सुधार समेत अन्य सभी सेवाओं से जुड़ी शिकायत कर सकेंगे. जिसका समाधान भी तत्काल किया जाएगा. अगर किसी सेवा को प्राप्त करने में किसी तरह की समस्या आ रही है, तो इससे संबंधित सुझाव भी उन्हें दिया जाएगा. इस कॉल सेंटर में भूमि सर्वे से जुड़े किसी भी मामले में भी शिकायत या सुझाव दे सकते हैं.

कई जिलों में म्यूटेशन का काम लंबित
कई जिलों में म्यूटेशन का काम सबसे अधिक लंबित है. इसमें पटना, मुजफ्फरपुर, गया, अररिया समेत अन्य जिले शामिल हैं. राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को इन मामलों का निपटारा जल्द करने का आदेश भी दिया है. उन्होंने बताया कि जल्द ही राज्य के सभी जिलों में जमीन सर्वेक्षण का काम शुरू जाएगा. इसके लिए 10,101 विशेष सर्वेक्षण कर्मी की जल्द बहाली होने जा रही है. सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. पहले चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है. एक अनुमान के तहत मार्च 2024 तक सूबे के 5,000 गांवों में भूमि सर्वेक्षण का पूरा कर लिया जाएगा.
24 हजार लोगों को मिलेगा जमीन का पर्चा
चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक बसेरा-1 अभियान के अंतर्गत करीब 24 हजार बासरहित भूमिहीनों को आवास के लिए जमीन आवंटित करने की बात मंत्री ने कही है. बता दें कि हाल में बांका में 1100 बासरहित लोगों को जमीन का पर्चा दिया गया है.

अब जल्द ही विभिन्न जिलों के 8,000 बासरहित लोगों के बीच जमीन का पर्चा वितरित करने की तैयारी है. बसेरा-2 अभियान में भूमिहीनों का सटीक सर्वे करने के लिए हलका कर्मचारियों को मोबाइल ऐप दिया गया है. ऐसे लोगों को अगले वित्तीय वर्ष में जमीन आवंटित की जाएगी.