बिहार : सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का बड़ा अधिक महत्व माना जाता है. विशेष तौर पर जब शरद पूर्णिमा का दिन इसका अलग ही महत्व होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार शरद पूर्णिमा 28 अक्टूबर को है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी प्रकट हुई थी. ये दिन माता लक्ष्मी को समर्पित होता है.
अयोध्या की ज्योतिष पंडित कल्कि राम के अनुसार सनातन धर्म में पूर्णिमा की तिथि बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. पूर्णिमा तिथि के दिन विधि विधान पूर्वक माता लक्ष्मी की पूजा आराधना की जाती है. अगर जातक माता लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं तो पूर्णिमा तिथि के दिन आसान उपाय करने से माता लक्ष्मी जल्द प्रसन्न होती है और भक्तों के सारे दुख दूर करती हैं.
ऐसे करें लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ
अगर आप माता लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो फिर शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ करना चाहिए. इसके लिए शरद पूर्णिमा की शाम के समय स्नान करने के बाद एक चौकी पर लाल वस्त्र पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए. उनकी विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करनी चाहिए. इसके बाद लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ करना चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन संबंधित सभी परेशानियां दूर होती है. भक्त को धन वैभव की प्राप्ति होती है.

शरद पूर्णिमा की रात में अमृत वर्षा
इसके अलावा अगर आप शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी को पान का पत्ता अर्पित करते हैं तो इससे माता लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. अर्पित किया हुआ पान का पत्ता प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए. इसके अलावा मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है. इसलिए शरद पूर्णिमा को रात के समय खीर बनाकर इसे खुले आसमान के नीचे रखा जाता है. शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी भोग लगाया जाता है. उसके बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण किया है.