बिहार: राजधानी में प्याज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. एक महीने पहले तक, प्याज 32 से 34 रुपए प्रति किलो तक बिक रही थी, लेकिन अब मंडी में इसकी कीमत सौ रुपए के नजदीक पहुंच गई है. पटना के विभिन्न मोहल्लों में, नासिक वाले प्याज की कीमत 80 से 90 रुपए प्रति किलो के बीच है. राजेन्द्र नगर सब्जी मंडी और मीठापुर सब्जी मंडी में, अच्छी किस्म की प्याज 80 रुपए के पास है, जबकि बी ग्रेड वाले प्याज की कीमत 65 से 70 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है.

25 रुपए किलो बिक रहा प्याज
बढ़ी हुई कीमतों को नियंत्रित करने के लिए, बिस्कोमान ने 25 रुपए प्रति किलो की प्याज और 60 रुपए प्रति किलो की चना दाल की ओर से बेचना शुरू किया है. सोमवार को, प्याज के लिए विस्कोमान भवन में दिन भर लंबी लाइन लगी रही, और लोगों ने घंटों लाइन में लगकर 25 रुपए प्रति किलो की दर पर प्याज खरीदा. इसके लिए काउंटर लगाया गया है, और घूम-घूम कर आम उपभोक्ताओं को प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है. ये गाड़ियां कंकड़बाग कॉलोनी, मीठापुर, आरपीएस मोड़, रामनगरी राजीवनगर, भूतनाथ रोड और सचिवालय क्षेत्र आदि में भेजी जा रही हैं. प्याज के दाम बढ़ने पर, राज्य में 163 सेंटरों से सस्ता में उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा, चना दाल महंगा होने के बाद से ही बिस्कोमान भवन से उपभोक्ताओं को 60 रुपए प्रति किलो उपलब्ध कराया जा रहा है.

क्यों महंगा हुआ प्याज?
बिहार प्याज एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद रंजन रिंकू के मुताबिक, एक महीने पहले थोक मंडी में प्याज की कीमत 25 से 28 रुपए किलो के बीच थी, लेकिन अब यह बढ़कर 50 से 52 रुपए हो गई है. रिंकू का मानना है कि प्याज की महंगाई खुदरा दुकानदारों द्वारा मनमानी कीमत तय करने के कारण हुई है, जिसे नियंत्रित किया जाना चाहिए. उन्होंने इसके अलावा बताया कि केवल पटना में प्रतिदिन 300 टन से ज्यादा प्याज की खपत है. केंद्र सरकार के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (एनसीसीएफ) की गाड़ियां सस्ते प्याज की बिक्री की जिम्मेवारी दी गई थी, लेकिन ज्यादातर मोहल्लों में इनकी गाड़ियां अब तक नहीं पहुंच सकी है, और लोग 25 रुपये किलो प्याज खरीदने के लिए इंतजार कर रहे हैं.
स्टॉक में ही सड़ गया प्याज
प्याज कारोबारी बता रहे हैं कि बाजार में ज्यादातर प्याज पिछले साल के कोल्ड स्टोरेज से निकाले जा रहे हैं, और उस स्टॉक का भी काफी हिस्सा सड़ चुका है. थोक विक्रेता उमेश कुमार ने बताया कि पटना में फिलहाल थोड़ी बहुत प्याज की आवक नासिक, बेंगलुरु और इंदौर से हो रही है, और कीमतें बढ़ने पर नुकसान के खतरे को देखते हुए बड़े कारोबारी भी जरूरत के मुताबिक ही प्याज मंगा रहे हैं.
दक्षिण भारत से आ सकता है और प्याज
साल के इस समय, दक्षिण के राज्यों से भी बिहार में प्याज की आपूर्ति होती थी, जिससे कीमतें नियंत्रित रहती थीं. हालांकि, दक्षिण के राज्यों में अभी तक प्याज की फसल तैयार नहीं हुई है, लेकिन प्याज कारोबारियों के मुताबिक, आने वाले एक महीने में दक्षिण के राज्यों से प्याज की आवक बढ़ेगी, जिससे इसकी कीमतों में कमी की संभावना है.