बिहार के लाल का कमाल: आंखों की गई रोशनी, शिक्षा के बल पर बना लॉ का प्रोफेसर….

बगहा: बगहा एक प्रखंड के अल्पसंख्यक बस्ती कोल्हुआ चौतरवा निवासी मो. अली राजा के छोटे पुत्र मासूम बचपन में गलत दवा खा लेने के कारण दृष्टि दिव्यांग हो गए थे।आज वह शिक्षा के बल पर जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली में लॉ का प्रोफेसर बनकर छात्र- छात्राओं को शिक्षा देने का काम कर रहे हैं। इनकी लगन को देखते हुए देश के चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड ने इनको मानद उपाधि देने के साथ ही 26 अगस्त को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी सहारे की मोहताज नहीं होती है।

आंखों की रोशनी गई तो शिक्षा के बल बना लॉ का प्रोफेसर, चीफ जस्टिस ने किया  सम्मानित; जानें कैसे मिली सफलता - Bihar Bagaha News lost eyesight became law  professor on the
उन्होंने कहा कि बस आपको प्रयास करना है। मासूम ने इसे साबित करते हुए समाज के सामने एक नजीर पेश किया है। बता दें कि मासूम महज दस साल की उम्र में बीमार पड़े तो एक चिकित्सक ने गलत दवा थमा दी। जिसे खाने के कुछ ही देर बाद एक अंधियारे ने मानस पटल को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

क्रिकेटर बनने का था सपना

लगा कुछ घंटों में अंधियारा छंटेगा, सबकुछ पहले जैसा हो जाएगा। पर, ऊपर वाले की मंजूरी के आगे हर दुआ बौनी पड़ गई। मासूम अपनी दोनों आंखें खो चुके थे। क्रिकेटर बनकर चौके छक्के लगाने का सपना था, पर क्रिकेट की दीवानगी मासूम के जेहन में दफन हो गई।कोई और होता तो शायद हिम्मत हार जाता, लेकिन इस मासूम का हौसला फौलादी था। सो, शिक्षा के बल पर जीवन में उजियारा लाने की ठान ली। अब, मासूम 23 के हो चुके हैं। मन ने जो ठाना था, वह पूरा होता दिख रहा। प्रोफेसर बन कर दूसरों के जीवन में खुशियों का रंग भरने का सपना है।

बगहा एक प्रखंड स्थित अल्पसंख्यक बस्ती कोल्हुआ चौतरवा निवासी मो. अली राजा के छोटे पुत्र मासूम के साथ बुरा हादसा साल 2008 में हुआ। तब वे के.आर, स्कूल बेतिया के कक्षा तीन के छात्र थे। पिता बताते हैं कि पीजीआई लखनऊ व एम्स दिल्ली तक इलाज कराया, लेकिन निराशा हाथ लगी। इस बीच मासूम की भेंट उसके चचेरे भाई महमूद के मित्र तौहिद से हुई। वे ब्लाइंड स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक थे। उनके माध्यम से ब्रेल लिपि पठन पाठन करवाने वाले अमरनाथ डे से मुलाक़ात हुई। जिसके बाद से नामांकन जेपीएम स्कूल में हुआ। यहां से 87 प्रतिशत अंक के साथ मासूम ने 12 वीं की परीक्षा पास की।

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई

इसके उपरांत जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से 2017- 22 में बीए एलएलबी व डिप्लोमा किया। 2022 – 23 में नेशनल लाॅ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बैंगलोर से एलएलएम किया। जेआरएफ करने के बाद यूजीसी से मार्च 2023 में हावर्ड लॉ स्कूल से कापी राइट एक्स का कोर्स किया। मासूम आज लॉ के ही प्रोफेसर बन कर अपना सपना साकार कर रहें है। मासूम ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि दिव्यांगता अभिशाप नहीं है।इसे परिश्रम से अवसर में बदलते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए समाज में एक नजीर पेश किया जा सकता है। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, बस लगन, परिश्रम करना होगा सभी सपना साकार किया जा सकता है।

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