आज गुरुनानक देव शीतल कुंड परिसर स्थित गुरुद्वारा में गुरु नानक देव जी का 555वां प्रकाश पर्व मनाया जाएगा। इसको लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब और संगत ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आज 22 नवंबर से जारी श्री अखंड पाठ का भी समापन होगा। प्रकाश पर्व में सम्मिलित होने देश-विदेश के सिख श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं।

पटना साहिब में भी उत्सव
गुरु नानक मिशनरी सेंटर राजगीर के संयुक्त सचिव त्रिलोक सिंह निषाद ने बताया कि जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज जी का 555 वां प्रकाश पर्व गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब और संगत की ओर से 24 नवंबर को मनाया जाएगा। सारी तैयारियां हो चुकी हैं।
राजगीर के शीतल कुंड परिसर को भव्य तरीके से सजाया गया
शीतल कुंड परिसर को भव्य तरीके से रंगीन बल्बों और फूलों से सजाया गया है। प्रकाश पर्व को लेकर गुरु नानक नाम लेवा और सिख संगत बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से पटना साहिब से राजगीर शीतल कुंड गुरुद्वारा लाने के लिए कई बसों की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा का बढ़िया प्रबंध
प्रशासन की ओर से सुरक्षा का बढ़िया प्रबंध किया गया है। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रबंधक हरजीत सिंह की निगरानी में ग्रंथी मंजीत सिंह और सभी सेवादार पूरी निष्ठा से दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1506 में सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव का राजगीर आगमन हुआ था। यहां के निवासी भू गर्भ से गर्म जल निकलने से त्रस्त थे। उनके लिए प्यास बुझाना कठिन था। स्थानीय निवासियों के आग्रह पर गुरु नानक देव की कृपा से एक कुंड से शीतल जल धारा फूट पड़ी। जिसे आज शीतल कुंड कहते हैं। इसी परिसर में कुछ वर्ष पहले भव्य गुरुद्वारा का निर्माण किया गया है। इस कारण यहां गुरु नानक प्रकाश पर्व का विशेष महत्व है।