बिहार : 2023 का अंतिम महीना बस कुछ हीं दिन बाद शुरु होने वाला है. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह साल का अंतिम और 12वां महीना है. इसके बाद नए साल की शुरुआत होगी. हिंदी कैलेंडर के अनुसार यह अगहन का महीना होने वाला है और साल का 9वां महीना. पटना के मशहूर ज्योतिषविद डॉ. श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार दिसंबर में मार्गशीर्ष का महीना रहेगा, जो भगवान कृष्ण को समर्पित है. इसकी शुरुआत 28 नवंबर 2023 से होगी और 26 दिसंबर 2023 तक चलेगा. इसके बाद पौष माह की शुरुआत हो जाएगी. मार्गशीर्ष माह में काल भैरव जयंती, उत्पन्ना एकादशी सहित कई बड़े व्रत- त्योहार आएंगे.

क्यों खास है मार्गशीर्ष माह
कार्तिक पूर्णिमा के बाद इस माह की शुरुआत होती है. ज्योतिषी बताते हैं कि इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व होता है. धार्मिक ग्रंथों में इस महीने को लेकर कई कहानियां है. डॉ. श्रीपति त्रिपाठी बताते हैं कि इसी महीने में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शिष्य अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था. काल भैरव जयंती भी इसी महीने मनाई जाती है. इसके अलावा भी इस महीने कई व्रत त्योहार आते हैं.
इस दिन पड़ेगा यह पर्व
5 दिसंबर, कालभैरव जयंती
इस दिन भगवान शिव के रौद्र रुप कालभैरव जन्म हुआ था, इन्हें दंडनायक बताया गया है. इनकी पूजा से भय, ग्रह दोष दूर होते हैं.
8 दिसंबर : उत्पन्ना एकादशी
10 दिसंबर: प्रदोष व्रत
11 दिसंबर: मासिक शिवरात्रि
12 दिसंबर : मार्गशीर्ष अमावस्या
16 दिसंबर: धनु संक्रांति, विनायक चतुर्थी
17 दिसंबर: विवाह पंचमी (इसी दिन श्रीराम और माता सीता का विवाह हुआ था. इस दिन विवाह के अलावा समस्त शुभ कार्य करना शुभ माना जाता है.)
18 दिसंबर: सुब्रहमन्य षष्ठी, स्कन्द षष्ठी, चम्पा षष्ठी
20 दिसंबर : मासिक दुर्गा अष्टमी
22 दिसंबर : गीता जयंती
25 दिसंबर : प्रदोष व्रत
26 दिसंबर : मार्गशीर्ष पूर्णिमा, दत्तात्रेय जयंती, त्रिपुर भैरवी जयन्ती, अन्नपूर्णा जयन्ती
27 दिसंबर : मंडला पूजा (पौष माह आरंभ)
28 दिसंबर: गुरु पुष्य योग
30 दिसंबर : अखुरथ संकष्टी चतुर्थी.
.