निरीक्षण को हाजीपुर पहुंचे एक्शन मैन केके पाठक; स्कूल की कुव्यवस्था से हुए नाराज

बिहार : शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक शनिवार को अचानक भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के आदर्श उच्च एवं मध्य विद्यालय सराय पहुंच गए। उन्हें देखते ही वहां मौजूद शिक्षकों के होश उड़ गए। स्कूल पहुंचते ही केके पाठक ने स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इस दौरान कई कुव्यवस्था को उन्होंने ठीक करने का निर्देश दिया। हद इसके बाद तब हो गई जब स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने उनके आसान से गणित के सवाल का जवाब नहीं दे पाईं।

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केके पाठक ने 29 में से 11 घटाने के लिए कहा

केके पाठक ने उच्च विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापिका रौशन आरा से पूछा कि 29 में से 11 घटेगा, तो कितने बचे। इस पर वे सकपका गईं। इसके बाद नाम पूछा तो आग्रह किया कि सर कुछ किजिएगा नहीं, इसके बाद अपना नाम बताया।

इससे पहले उनसे विद्यालय में शिक्षकों की संख्या व बच्चों की उपस्थिति पूछी, इसका भी वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। केके पाठक लगभग 4:40 बजे शाम में इस विद्यालय में पहुंचे और 20 मिनट में वस्तुस्थिति देख खिन्न मन से निकल गए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षक की सशरीर उपस्थिति नहीं बल्कि मन से समर्पित भाव से बच्चों को पढ़ाएं। उन्होंने जिले के अन्य विद्यालयों का भी निरीक्षण किया।

नया निर्देश दिया कि मिशन दक्ष के तहत अब वर्ग नौ से वर्ग 12 तक के कमजोर बच्चों के लिए भी विशेष कक्षाएं लगाएं। इससे पहले केके पाठक के निरीक्षण की जानकारी मिलते ही पूरे जिले के विद्यालयों में अघोषित अलर्ट हो गया था। नए गंडक पुल के पास से जिला शिक्षा पदाधिकारी वीरेंद्र नारायण ने आगवानी की। वे सदर प्रखंड के विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए लालगंज, गोरौल, भगवानपुर, सराय आदि स्थानों के विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए वापस पटना चले गए।

विद्यालयों में जीर्ण शीर्ण भवनों को अविलंब हटाने का दिया निर्देश

अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने विद्यालय परिसर में जीर्ण शीर्ण भवनों को तत्काल हटाने का निर्देश द्वारा दिया गया।  भगवानपुर प्रखंड स्थित आदर्श उच्च विद्यालय सराय में एसीएस द्वारा सघन निरीक्षण किया गया।

मिशन दक्ष में शामिल होंगे वर्ग नौ से वर्ग 12 तक के बच्चे

एसीएस केके पाठक ने मिशन दक्ष को लेकर एक और निर्देश विद्यालयों के शिक्षकों सहित विभाग के पदाधिकारियों दिया। इस निर्देश के अनुसार मिशन दक्ष के तहत प्रारंभिक एवं मध्य विद्यालय के अलावा अब वर्ग नौ से 12 के बच्चों के लिए भी कक्षाएं आयोजित करना है।

सेंटअप छात्रों के लिए क्रैश कोर्स आयोजित करने का भी दिया निर्देश

विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान एसीएस केके पाठक ने बीपीएससी से नव नियुक्त शिक्षकों को मैट्रिक एवं इंटर में सेंटअप हुए विद्यार्थी के लिए विशेष कक्षाएं लेने का निर्देश दिया। इन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्राइवेट संस्थानों द्वारा क्रैश कोर्स की व्यवस्था की जाती है, उसी प्रकार सेंटअप छात्रों के लिए क्रैश कोर्स कराने की व्यवस्था करें।

प्रत्येक शिक्षकों को कम से कम छह कक्षाएं नहीं लेने पर कार्रवाई का निर्देश

निरीक्षण के क्रम में केके पाठक ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिया कि सभी शिक्षक कम से कम छह कक्षाएं ले। छह कक्षा नहीं लेने पर विभाग के अधिकारियों को वैसे शिक्षकों पर कार्रवाई का इन्होंने निर्देश दिया। लालगंज प्रखंड के कई विद्यालयों का किया निरीक्षण : एसीएस केके पाठक ने लालगंज प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पचदमिया, मध्य विद्यालय करताहा और उत्क्रमित मध्य विद्यालय नरेंद्र प्रबोधि का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिया। हालांकि जब वे करताहा मध्य विद्यालय पहुंचे तो वहां खेल का पीरियड चल रहा था। पचदमिया और नरेंद्र प्रबोधी स्कूल में बच्चों की छुट्टी हो चुकी थी।

मिशन दक्ष के तहत शिक्षक शिक्षिकाएं कुछ कमजोर छात्र- छात्राओं को पढ़ा रहे थे। उन्होंने सभी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति देखी और उसे बढ़ाने का निर्देश शिक्षकों को दिया। करताहां मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक मदन पासवान द्वारा शौचालय की कमी बताए जाने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी वीरेंद्र नारायण को विद्यालय में शौचालय बनवाने का निर्देश केके पाठक ने दिया।

पचदमिया स्कूल के पास बज रहे श्री विष्णु महायज्ञ के लाउडस्पीकर को उन्होंने तत्काल बंद कराया, साथ हीं लाउड स्पीकर को वहां से अलग हटाकर लगाने का निर्देश दिया। जिससे बच्चों की पढाई बाधित नहीं हो। पचदमिया स्कूल में शिक्षक- शिक्षिकाओं द्वारा मिशन दक्ष के तहत पढ़ाते बच्चों को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई। साथ ही कहा कि मिशन दक्ष के तहत एक शिक्षक को छुट्टी के बाद पांच कमजोर बच्चों को एक पीरियड पढ़ाना हैं। पर यदि आप चाहे तो और अधिक जरूरत मंद बच्चों को भी पढ़ा सकते हैं। शिक्षिकाओं द्वारा विद्यालय में चाहर दिवारी बनवाने का आग्रह के बाद उन्होंने डीइओ सहित अन्य अधिकारियों को वहां चाहरदिवारी बनवाने का निर्देश दिया।

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