अपने ससुराल पहुंचीं रोहिणी आचार्या ने चुनाव लड़ने के सवाल पर दिया बड़ा बयान

राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के समधी और उनकी बेटी रोहिणी आचार्या के ससुर राव रणविजय सिंह की स्मृति में दाउदनगर के हिच्छन बिगहा में समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अपने पति समरेश सिंह और भाई तेज प्रताप यादव के साथ रोहिणी आचार्या भी शामिल हुईं। काराकाट लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के सवाल पर रोहिणी ने पहले तो ना कहा, लेकिन जब यह कहा गया कि यदि आप काराकाट की सांसद रहेंगी तो इस इलाके का विकास तेज गति से होगा। इस पर उन्होंने कहा कि अभी तक मैं अपने मां और पिताजी की सुन रही हूं। जनता कहेगी तो उनकी भी सुन सकती हूं। फिलहाल वह जमीन पर कोई ऐसा काम नहीं कर रही हैं तो टिकट कैसे मिलेगा? जनता के बीच रहेंगी तब न टिकट मिलेगा।

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ग्रामीण बोले- रोहिणी सांसद बनीं तो क्षेत्र का होगा विकास
अब रोहिणी के इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं रोहिणी आने वाले चुनावी में भाग्य आजमा सकती हैं। हालांकि, लालू परिवार या राजद की ओर से अब तक इस मामले में कुछ भी नहीं कहा गया है। इधर, रोहिणी के ससुराल हिच्छन बिगहा गांव के लोगों का कहना है कि उनकी बहू और राजद सुप्रीमो की बेटी अगर सांसद बनीं तो उनके क्षेत्र का विकास होगा।

रोहिणी और तेज प्रताप शामिल हुए थे समारोह में
बता दें कि आयोजित समारोह में पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तेज प्रताप यादव, राव रणविजय सिंह की पुत्रवधू रोहिणी आचार्या एवं इनके पति समरेश सिंह,अरवल के पूर्व विधायक रविंद्र सिंह, उपेंद्र यादव, जिला पार्षद अमरेंद्र उर्फ अरविंद यादव, राजद नेता सुमित कुमार यादव समेत राजद के कई नेताओं एवं विभिन्न दलों के नेताओं ने पहुंचकर दिवंगत राव रणविजय सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया। दिवंगत राव रणविजय सिंह आयकर अधिकारी थे। बताया जाता है कि 14 दिसंबर 2013 को उनका निधन हो गया था। तब से हर वर्ष 14 दिसंबर को उनकी याद में समारोह आयोजित किया जाता रहा है। बता दें कि लालू प्रसाद की दूसरी बेटी रोहिणी की शादी हिच्छन बिगहा निवासी मुंबई में आयकर अधिकारी रहे राव रणविजय सिंह के पुत्र समरेश सिंह के साथ 23 मई 2002 को हुई थी। तब यहां बारात आई थी। व्यापक चर्चा इस विवाह समारोह की थी।

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