पटना. बीपीएससी द्वारा चल रही शिक्षक भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण में शामिल अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर आई है. लेकिन यह सिर्फ कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए है. पहली से पांचवीं कक्षा के अभ्यर्थियों लिए कोई राहत नहीं है. दरअसल, बीपीएससी ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के दूसरे चरण में भाषा (अर्हता) के अंक को शून्य कर दिया है. बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने सूचना जारी करते हुए बताया कि वर्ग एक से पांच को छोड़कर अन्य सभी वर्गों के विषयों की परीक्षा में भाग-1 भाषा (अर्हता) के अंक को समाप्त कर दिया गया है. इसके साथ ही एनआइओएस से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थी जिन्होंने बीएड कर रखा है, उनके लिए भी बड़ी सूचना जारी की गई है.

पूर्व में लाने थे इतने नम्बर
कक्षा छठी से 12वीं तक क्वालिफाइंग में हिंदी और अंग्रेजी मिलाकर नौ अंक लाने थे. अब लेकिन इसे खत्म कर दिया गया है. प्रश्न-पत्र के पहले खंड के 30 प्रश्नों में 22 प्रश्न हिंदी के और आठ प्रश्न अंग्रेजी के पूछे गए थे. इस खंड में अभ्यर्थियों को 30 फीसदी अंक लाना अनिवार्य था. इसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों से अलग-अलग 30 फीसदी अंक नहीं लाकर, बल्कि नौ अंक (30 फीसदी) लाना था. लेकिन अब इसे हटा दिया है. अब इस सूचना के बाद केवल वर्ग एक से पांच के भाग-1 भाषा (अर्हता) के प्राप्तांक को मेरिट लिस्ट तैयार करने में इस्तेमाल किया जाएगा.

एनआइओएस से डीएलएड करने वाले ध्यान दें
अगर आपने एनआईओएस से डीएलएड किया है और बीएड पास हैं, तो आपको डिग्री बदलने की सलाह दी गई है. बीपीएससी ने कहा है कि वर्ग छह से आठवीं की नियुक्ति के लिए जिन अभ्यर्थियों ने एनआइओएस के माध्यम से डीएलएड की प्रशैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन किया है और उनके पास बीएड का प्रमाण-पत्र भी है, वैसे अभ्यर्थी चाहें तो बीएड की प्रशैक्षणिक योग्यता का भी चयन कर सकते हैं.

इसके लिए अभ्यर्थी 19 से 20 दिसंबर तक आयोग के वेबसाइट onlinebpsc.bihar. gov.in पर जाकर अपने यूजर आइडी से बीएड के बारे में जानकारी ले सकते हैं.