इंडिया गठबंधन की बैठक में अभी तक सीट शेयरिंग और संयोजन का नाम तय नहीं होने को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने इंडिया गठबंधन समेत तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। सुशील मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव ने इंडी गठबंधन की बैठक में संयोजक और पीएम कैंडिडेट के तौर पर नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव क्यों नहीं रखा। क्यों चुप्पी साधे रहे। और बाजी ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल मार ले गए।

सुशील मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बैठक में पीएम कैंडिडेट के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम का प्रस्ताव रखा। तो फिर तेजस्वी क्यों चुप रहे। संयोजक और पीएम उम्मीदवार के तौर पर नीतीश का नाम क्यों नहीं बढ़ाया। वहीं 31 दिसंबर तक सीट शेयरिंग की बात पर सुशील मोदी ने कहा कि जनवरी के अंत तक भी सीटों का बंटवारा नहीं हो पाएगा। और न ही रैली की तारीख तय हुई है। और न ही मेनीफेस्टो के लिए कोई कमेटी बनी है।
उन्होने कहा कि इंडिया गठबंधन में नीतीश कुमार की घोर उपेक्षा हुई है। और इसीलिए राहुल गांधी ने उन्हे फोन किया था। नीतीश कुमार बीजेपी को इस उम्मीद में छोड़कर गए थे कि गठबंधन में उन्हे कुछ मिलेगा। लेकिन न राम मिले न माया। और न इधर के रहे और न उधर के रहे। वहीं तेजस्वी के उस बयान का भी जवाब दिया। जिसमें उन्होने कहा था कि गिरिराज को चिंता है कि टिकट मिलेगा भी या नहीं। इस पर सुशील मोदी ने जवाब दिया।

मोदी ने कहा कि दूसरी पार्टी के बारे में बोलने का तेजस्वी को कोई अधिकार नहीं है। वो पहले अपनी पार्टी को देखें, और उसे संभालें। भाजपा में लोकतंत्र है। यहां पर कोई तानाशाही नहीं है। ये एक परिवार की पार्टी नहीं है। राजद लालू यादव, राबड़ी देवी तेज,स्वी यादव, मीसा भारती, रोहिणी आचार्य की पार्टी है बीजेपी कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है। ये लोकतांत्रिक पार्टी है। हम लोग तीन राज्यों का चुनाव प्रचंड बहुमत से जीत कर आए हैं। ऐसे में उनको इस तरह की टिप्पणी का अधिकार ही नहीं है।