मजबूरी के आगे विवश मैडम; केके पाठक का ऐसा खौ’फ, शिक्षिका पानी भी नहीं पी रहीं

बिहार : सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय संतोषी बीघा में शौचालय नही रहने के कारण शिक्षिकाए विद्यालय अवधि में पानी नही पीने का प्रयास करती है। आवश्यकता पड़ने पर शौच के लिए रसोइया के घर जाती है।

इस संबंध में विद्यालय प्रभारी नागेंद्र कुमार यादव अपने प्रखंड के शिक्षक ग्रुप में प्रखंड मेसेज डाल शिक्षा पदाधिकारी से शौचालय की आवश्यकता जताई है। साथ ही विद्यालय भवन के एक कमरे में संचालित हो रही आंगनबाड़ी केंद्र को किसी अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग की है प्रभारी ने बताया की वर्ग कक्ष की कमी होने के कारण पठन पाठन कार्य में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया की तीन वर्ग कक्ष उपलब्ध है। जिसमे एक वर्ग कक्ष में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन होता है। जबकि नामांकित छात्रों की संख्या 121 है। दो वर्ग कक्ष में ही प्रथम वर्ग से पंचम वर्ग तक किसी प्रकार शिक्षण कार्य चलता है।शौचालय नही होने के कारण छात्रों को खुले में शौच करने पड़ते है।

सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना छात्राओं एवम शिक्षक को उठानी पड़ती है। शौचालय अभाव के कारण शिक्षिका विद्यालय अवधि में पानी नही पीने का प्रयास करती है पानी नही पीने से स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगी। आवश्यकता पड़ने पर रसोइया के घर शौच के लिय शिक्षिका को जाना पड़ता है। जबकि छात्राएं अपने अपने घर शौच के लिय जाने को मजबूर रहती है।उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी का भोजन चूल्हे पर बनने के कारण चूल्हे से धुवा निकलने के कारण छात्र को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र को किसी अन्य जगह संचालित करवाने की मांग की है। ताकि छात्रों को प्रदूषण का सामना न करना पड़े और वर्ग कक्ष भी एक बढ़ जायेंगे।

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