बिहार में लगातार शिक्षा के स्तर को उठाने का प्रयास किया जा रहा है. शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी की मानें तो इसके लिए बदलाव आवश्यक है. इसलिए नए साल में भी ये प्रयास सभी विद्यालयों में किया जा रहा है. इस साल राज्य के सभी 81223 प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई और परीक्षा का अंदाज़ बदला जाएगा.

जानिए क्या होगा बदलाव?
इन विद्यालयों में हाई स्कूल की परीक्षा के साथ सेंटअप, वार्षिक और मासिक परीक्षा के दौरान अब पढ़ाई बंद नहीं होगी. पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए ये कदम उठाया गया है. इससे अब साफ है कि परीक्षा के दौरान बाकी कक्षाएं चलेंगी. इसी तरह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तय प्रविधान के अनुसार कक्षा 10 और 12 के लिए बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी, जबकि कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) में छात्रों को परीक्षा के लिए दिए जाने वाले विकल्पों की संख्या को कम किया जाएगा. इसमें छात्रों को पांच से छह विषयों को चुनने का विकल्प मिलेगा.

अनिवार्य होगी मासिक परीक्षा
शिक्षा विभाग ने नए सत्र अप्रैल से राज्य के सभी 40,566 प्राथमिक, 31,297 मध्य एवं 9,360 माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई और परीक्षा, दोनों के मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है. इसी के साथ प्रत्येक माह के अंत में विद्यालयों द्वारा मासिक परीक्षा कराना अनिवार्य होगा. विद्यालयों में निरीक्षण करने वाले अधिकारी इन कापियों का समय-समय पर निरीक्षण भी करेंगे.
विकल्प होंगे सीमित
कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट, 2024 में छात्रों को परीक्षा के लिए दिए जाने वाले विकल्पों की संख्या को सीमित किया जाएगा. इसमें छात्रों को पांच से छह विषयों को चुनने का विकल्प मिलेगा, जिसमें छात्र आवश्यक विषयों का ही चुनाव करेंगे. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भी पहले की तुलना में अब कम शिफ्ट आयोजित करनी होगी जिससे परीक्षा लंबी नहीं खिचेंगी.