पटना. इस वक्त बिहार के नए आरक्षण बिल से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. नए आरक्षण बिल मामले पर शुक्रवार को पटना उच्च न्यायालय में एक बार फिर से सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 2 फरवरी निर्धारित की. यानि अब नए आरक्षण बिल पर आगामी 2 फरवरी को सुनवाई को होगी.
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इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दिनु कुमार ने बताया कि सुनवाई के दौरान एक एमएलए और एक एमएलसी के तरफ से वरीय अधिवक्ता वाईबी गिरी ने इन दोनों को पार्टी बनाने की बात कोर्ट के समक्ष रखी. इस पर कोर्ट ने कहा कि यह अगली सुनवाई यानी कि दो फरवरी को तय होगा कि इन दोनों को पार्टी बनाया जाए या नहीं. बताते चले कि इस मामले पर पहली सुनवाई 9 नवंबर को हुई थी.

बता दें, बिहार विधानमंडल से 9 नवंबर 2023 को अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा और अतिपिछड़ा आरक्षण बिल 2023 को पारित किया गया था. इसके तहत एससी, एसटी, ओबीसी और ईबीसी के आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी कर दी गई थी. वहीं ईडब्लूएस का 10 फीसदी आरक्षण अलग से है.यानि कि बिहार में आरक्षण का दायरा 75 फीसदी पहुंच गया है. इसके बाद इसको लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. इस मामले में मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा था.